महुआटांड़. लुगुबुरु घांटाबाड़ी धोरोमगाढ़ के पूर्व नायके किशन मुर्मू की दूसरी पुण्यतिथि बैंक मोड़ ललपनिया स्थित उनके आवास परिसर में मनायी गयी. लोगों ने उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. लुगुबुरु घांटाबाड़ी धोरोमगाढ़ समिति के अध्यक्ष बबूली सोरेन ने कहा कि स्व मुर्मू हमारे इस महान धर्मस्थल के बड़े जानकार थे. साथ ही ओलचिकी लिपी के पहरुआ थे. इस क्षेत्र में उन्होंने ओलचिकी की नींव रखी और प्रचार-प्रसार किया. इलाके में फुटबॉल खेल के विकास में भी उन्होंने अभूतपूर्व योगदान दिया. निधन के कुछ माह पूर्व तक वह रेफरी की भूमिका में मैदान पर दिखते रहे. समाज में इनके योगदान को हमेशा याद किया जाता रहेगा. लुगुबुरु ओलचिकी इतुन आसड़ा, तिलैया (ललपनिया) के शिक्षक, शिक्षिकाओं ने भी मौके पर स्व मुर्मू को श्रद्धांजलि दी. मौके पर उपसचिव मिथिलेश किस्कू, फूलचंद हेंब्रम, सुखदेव हेंब्रम, मेघराज मुर्मू, बुधन सोरेन, रतिराम मरांडी, सुखराम बेसरा, सोहराय हांसदा, रॉयल हांसदा, जीतलाल मरांडी, ब्रिजलाल मांझी, आशा मुर्मू, जोलोमुनी देवी, सुनील मुर्मू, आसड़ा अध्यक्ष रामकुमार सोरेन, विश्वनाथ बास्के, गौतम सोरेन, जितेन्द्र सोरेन, बाबूचंद सोरेन, राजकुमार सोरेन, सोनमति मरांडी आदि थे.
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