कसमार, कसमार में भाकपा माले का प्रखंड स्तरीय सम्मेलन शनिवार को मेजर नागेंद्र प्रसाद सभागार में आयोजित हुआ. कार्यक्रम की शुरुआत पार्टी ध्वजारोहण और शहीद वेदी पर माल्यार्पण के साथ हुई. इस दौरान कम्युनिस्ट आंदोलन के शहीदों को एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गयी. सम्मेलन की अध्यक्षता गंगाधर महतो, उमाशंकर महाराज और कुसुम देवी की तीन सदस्यीय अध्यक्ष मंडली ने संयुक्त रूप से किया. कसमार प्रखंड में संगठन विस्तार और जन मुद्दों पर आंदोलन तेज करने का संकल्प लिया गया.
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए जिला सचिव देवदीप सिंह दिवाकर ने कहा कि वर्तमान समय में प्रशासनिक तंत्र जनता के मुद्दों पर गंभीर नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि उच्च पदों पर बैठे लोग भ्रष्टाचार और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त हैं. उन्होंने कहा कि कसमार में लाल झंडे को मजबूत करना समय की मांग है. जनविरोधी नीतियों का जवाब व्यापक जनांदोलन से दिया जायेगा. राज्य स्थायी कमेटी सदस्य भुवनेश्वर केवट ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की. उन्होंने कहा कि श्रम कानून मजदूरों के लिए सुरक्षा कवच का काम करते थे, लेकिन श्रम संहिता लागू कर उन्हें कमजोर किया जा रहा है. उनके अनुसार इससे मजदूरों की स्थिति असुरक्षित होगी. उन्होंने मनरेगा में कटौती और वैकल्पिक योजनाओं को ग्रामीण रोजगार के अधिकार पर हमला बताया. साथ ही महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि देश में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है और जनसंघर्ष को तेज करना समय की मांग है. अमेरिका-भारत कृषि समझौते को उन्होंने किसानों के हितों के प्रतिकूल बताया. सम्मेलन के मुख्य पर्यवेक्षक विकास कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान दौर में लोकतंत्र में जनता की भूमिका कमजोर होती जा रही है. उन्होंने मजदूरों और किसानों के पक्ष में संगठित संघर्ष को आवश्यक बताया. साथ ही सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की.जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष तेज करने का आह्वान
कसमार में भाकपा माले का प्रखंड सम्मेलन का आयोजन, बोले जिला सचिव : प्रशासनिक तंत्र जनता के मुद्दों पर गंभीर नहीं.
