बोकारो: सेक्टर-6 उप डाकघर के मुख्य द्वार पर मंडरा रहा खतरा, जानिए क्यों चिंतित हैं ग्राहक और कर्मी

बोकारो के सेक्टर-6 स्थित उप डाकघर का प्रवेश द्वार अपनी जर्जर स्थिति के कारण चिंता का विषय बन गया है. पिलरों में गहरी दरारें, छत से उखड़ता प्लास्टर और क्षतिग्रस्त रास्ते ग्राहकों, खासकर बुजुर्गों के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं. डाकघर प्रशासन ने वरिष्ठ डाक अधीक्षक को मरम्मत के लिए पत्र भेजा है.

बोकारो. सेक्टर-6 स्थित उप डाकघर के प्रवेश परिसर की स्थिति इन दिनों जर्जर हो गयी है. प्रवेश द्वार की छत को सहारा देने वाले पिलरों में कई जगह गहरी और सीधी दरारें पड़ गयी हैं. कुछ हिस्सों में पिलरों का कंक्रीट भी उखड़ रहा है. वहीं छत में सीलन के कारण प्लास्टर खराब हो रहा है. डाकघर के बाहर आने-जाने का रास्ता और रैंप भी कई जगह क्षतिग्रस्त है. इससे डाकघर पहुंचने वाले ग्राहकों, कर्मचारियों और विशेषकर बुजुर्गों को परेशानी हो रही है.

वरिष्ठ डाक अधीक्षक को भेजा गया पत्र

मामले को लेकर उप डाकपाल विष्णु कुमार ने एक सितंबर को वरिष्ठ डाक अधीक्षक, धनबाद मंडल को पत्र भेजा है. इसमें प्रवेश परिसर की स्थिति का निरीक्षण कराने और आवश्यक मरम्मत कराने का अनुरोध किया गया है. पत्र में पिलरों में आयी दरार, छत में सीलन, उखड़ते प्लास्टर और क्षतिग्रस्त रास्ते का उल्लेख किया गया है.

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पिलरों का कंक्रीट उखड़ने से बढ़ी चिंता

प्रवेश द्वार के पिलरों में कई जगह गहरी दरारें स्पष्ट दिखाई दे रही हैं. कुछ हिस्सों में कंक्रीट टूटकर निकल चुका है. इससे पिलरों की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गयी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते जर्जर हिस्सों की जांच और मरम्मत नहीं हुई तो समस्या और बढ़ सकती है.

हालांकि, पिलरों की संरचनात्मक मजबूती पर तकनीकी जांच के बिना कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता. ऐसे में परिसर का निरीक्षण कर आवश्यक तकनीकी कार्रवाई करना महत्वपूर्ण है.

सीलन से छत का प्लास्टर हो रहा खराब

डाकघर की छत से उखड़ता प्लास्टर और दिखाई देती सीलन | Prabhat Khabar Network

प्रवेश द्वार की छत में लंबे समय से सीलन की समस्या बतायी जा रही है. नमी के कारण कई जगह प्लास्टर उखड़ रहा है. बारिश के दौरान पानी और सीलन की समस्या बढ़ने की आशंका है. ऐसे में छत और उससे जुड़े हिस्सों की जांच कर आवश्यक मरम्मत कराने की जरूरत है.

रास्ता और रैंप भी क्षतिग्रस्त

डाकघर के बाहर आने-जाने का रास्ता और रैंप भी कई जगह टूट गया है. इंटरलॉकिंग टाइलें उखड़ चुकी हैं. बारिश के दौरान यहां पानी जमा होने से फिसलने और गिरने का खतरा रहता है. बुजुर्ग और चलने में परेशानी वाले ग्राहकों के लिए क्षतिग्रस्त रैंप अतिरिक्त परेशानी का कारण बन रहा है.

2009 में हुआ था डाकघर का नवीनीकरण

डाकघर परिसर में लगा वर्ष 2009 के नवीनीकरण का शिलालेख | Prabhat Khabar Network

परिसर में लगे शिलालेख के अनुसार सेक्टर-6 डाकघर का नवीनीकरण वर्ष 2009 में हुआ था. 28 जनवरी 2009 को तत्कालीन केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ए. राजा और तत्कालीन संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की प्रेरणा से नवीनीकृत डाकघर का लोकार्पण किया गया था.

समय रहते मरम्मत की मांग

उप डाकपाल ने पूरे प्रवेश परिसर का तत्काल निरीक्षण कराने और जर्जर हिस्सों की जल्द मरम्मत कराने का अनुरोध किया है. स्थानीय ग्राहकों का कहना है कि डाकघर में रोज बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं. ऐसे में प्रवेश द्वार के पिलरों, छत और रास्ते की स्थिति को देखते हुए समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए. लोगों का कहना है कि किसी संभावित हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले ही जर्जर हिस्सों को दुरुस्त किया जाना बेहतर होगा.

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By Dharmanath kumar

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