बोकारो पुलिस का नया कारनामा, गाली गलौज का ऑडियो वायरल

Bokaro Police: बोकारो में चास इंस्पेक्टर सुषमा कुमारी का कथित गाली-गलौज वाला ऑडियो वायरल होने से पुलिस विभाग विवादों में है. एसपी हरविंदर सिंह ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की है. दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

बोकारो से रंजीत कुमार की रिपोर्ट

Bokaro Police: झारखंड के बोकारो में पुलिस की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है. ताजा मामला चास थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां इंस्पेक्टर सुषमा कुमारी का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस ऑडियो में कथित तौर पर वह एक युवक से बातचीत के दौरान अभद्र भाषा और गाली-गलौज करती सुनाई दे रही हैं. इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस विभाग की छवि पर एक बार फिर असर पड़ा है.

वायरल ऑडियो ने बढ़ाई परेशानी

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस ऑडियो को लेकर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. आम जनता के बीच यह चर्चा का विषय बन गया है कि पुलिस अधिकारी इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं. ऑडियो में जिस तरह की बातचीत सामने आई है, उसने पुलिस के व्यवहार और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि, इस ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन इसकी व्यापक चर्चा जारी है.

एसपी ने दिए जांच के आदेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए बोकारो एसपी हरविंदर सिंह ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक जांच कमेटी का गठन कर दिया है. उन्होंने कहा है कि वायरल ऑडियो की सत्यता की जांच की जाएगी और यदि इसमें सुषमा कुमारी दोषी पाई जाती हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. एसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग में अनुशासन और जनता के प्रति सम्मान सर्वोपरि है.

पहले भी उठते रहे हैं सवाल

यह कोई पहला मामला नहीं है जब बोकारो पुलिस विवादों में आई हो. इससे पहले भी पुलिस की कार्यशैली और व्यवहार को लेकर कई बार शिकायतें सामने आती रही हैं. ऐसे मामलों से विभाग की विश्वसनीयता पर असर पड़ता है और आम लोगों का भरोसा कमजोर होता है.

इसे भी पढ़ें: आईएएस अफसर विनय चौबे को मिली सर्शत जमानत, सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश

कार्रवाई पर टिकी नजर

अब इस पूरे मामले में जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह देखना अहम होगा कि पुलिस विभाग किस तरह की कार्रवाई करता है. फिलहाल, यह मामला बोकारो में चर्चा का केंद्र बना हुआ है.

इसे भी पढ़ें: चतरा के सिमरिया में एसडीओ का पद महीनों से खाली, मामलों की सुनवाई ठप होने से बढ़ी परेशानी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >