Bokaro News: बीएसएल की जमीन पर कब्जा कर विनोद खोपड़ी ने बनाया था ऑफिस, चला बुलडोजर
Bokaro News: बीएसएल के ठेकाकर्मी जयंत सिंह की हत्या में है आरोपित, पांच कमरे, स्वीमिंग पूल, शेड समेत कई निर्माण ध्वस्त, सात थानाें की पुलिस की उपस्थिति में हटा अतिक्रमण.
By DHARMENDRA PRASAD GUPTA | Updated at :
बोकारो, बोकारो स्टील प्लांट के ठेकाकर्मी जयंत कुमार सिंह की हत्या के आरोप में जेल में बंद विनोद कुमार उर्फ विनोद खोपड़ी के अवैध निर्माण पर मंगलवार को बुलडोजर चला. खोपड़ी ने सेक्टर छह डी में बीएसएल की जमीन पर अवैध तरीके से कार्यालय का निर्माण कर लिया था. शिकायत मिलने के बाद बीएसएल के संपदा न्यायालय के आदेश पर मंगलवार को नगर सेवा भवन की टीम ने विनोद खोपड़ी के अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया. टीम ने जेसीबी लगाकर पांच कमरे, स्वीमिंग पूल, शेड समेत कई निर्माण ढहा दिये. अतिक्रमण हटाओ अभियान तीन घंटे तक चला.
दंडाधिकारी जया कुमारी की अनुमति के बाद सात थानाें की पुलिस की उपस्थिति में अभियान चला. नेतृत्व नगर सेवा भवन के महाप्रबंधक एके सिंह (एल एंड आरए) ने किया. बताते चलें कि 10 दिसंबर को ठेकाकर्मी जयंत कुमार सिंह की सेक्टर आठ डी स्थित स्कूल ग्राउंड में लाठी से पीट-पीट कर हत्या कर दी गयी थी. हत्या के बाद शव गिरिडीह जिले के पीरटांड़ थाना क्षेत्र में फेंक दिया गया. मामले में विनोद कुमार उर्फ विनोद खोपड़ी को गिरफ्तार किया गया. पुलिस उसे हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता बता रही है.
अतिक्रमण हटाने में लगायी गयीं दो जेसीबी
अवैध निर्माण को हटाने के लिए बीएसएल के नगर सेवा विभाग ने दो जेसीबी लगायी थीं. जेसीबी ने प्रवेश द्वार को तोड़ने के बाद अंदर बने पांच कमरों को ध्वस्त कर दिया. साथ ही, शेड, स्वीमिंग पूल को भी ढहा दिया. कमरों के अंदर रखे फ्रीज, आलमीरा, बेंच, सोफा और किचन के सामान को सुरक्षित बाहर कर दिया गया. कार्रवाई के दौरान विनोद खोपड़ी के समर्थकों के संभावित विरोध को देखते हुए अधिकारी समेत 150 से अधिक जवान तैनात किये गये थे. दंडाधिकारी जया कुमारी के समक्ष सभी सामानों की सूची बनायी गयी. सेक्टर छह थाना प्रभारी इंस्पेक्टर संगीता कुमारी से कहा गया कि सूची में शामिल सभी सामान को गृहस्वामी या उनके परिवार के सदस्य को सुपुर्द कर देंगे.
समर्थकों ने मांगा समय
अभियान की शुरुआत में विनोद के समर्थकों ने स्थल पर बीएसएल अधिकारियों व पुलिस अधिकारियों के साथ बहस की. सामान हटाने के लिए वक्त मांगा. दंडाधिकारी व सिटी डीएसपी आलोक रंजन ने समर्थकों को बताया कि कार्रवाई न्यायालय के आदेश के बाद किया जा रहा है. अभियान में गतिरोध गैर-कानूनी होगा. इसके बाद पुलिस अधिकारियों की टीम का रवैया सख्त हुआ. समर्थकों को स्थल से हटाया गया.
150 से अधिक जवानों की थी तैनाती
समर्थक अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के दौरान बाधा उत्पन्न नहीं करे. इसके लेकर सुरक्षा में सात थाना (सेक्टर छह, हरला सेक्टर नौ, सेक्टर चार, सेक्टर 12, बीएस सिटी, माराफारी व चीरा चास) की पुलिस के अलावा होमगार्ड (महिला-पुरूष) जवान, बीएसएल सुरक्षा गार्ड को लगाया गया था. हालांकि समर्थकों ने बाद में कोई बाधा उत्पन्न नहीं किया. स्थल के बाहर तीन घंटे तक देखते रहे. सुरक्षा व्यवस्था में इंस्पेक्टर संगीता कुमारी, संजय कुमार, खुर्शीद आलम,सुभाष चंद्र सिंह, आजाद खां, एसआइ प्रभात कुमार, सब-इंस्पेक्टर पुष्पराज कुमार सहित 150 से अधिक जवान तीन घंटे तक अभियान के दौरान स्थल पर जमा रहे.