बोकारो, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर शनिवार को सेक्टर चार सिटी सेंटर स्थित प्रभात खबर कार्यालय में ‘महिलाओं की स्थिति’ विषय पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें अधिवक्ता, चिकित्सक, समाजसेवी, स्वास्थ्यकर्मी, कामकाजी, गृहिणी, छात्रा सहित विभिन्न क्षेत्र से जुड़ी महिलाएं शामिल हुईं. कहा कि देश बदल रहा है. महिलाओं की दशा में सुधार हो रहा है.
सबल के साथ नारी शक्ति सशक्त हो रही है. परिवर्तन प्रकृति का नियम है. यह सत्य है, किंतु परिवर्तन का क्या परिणाम हुआ है. क्या होगा और उस परिवर्तन को आने वाली पीढ़ी किस प्रकार स्वीकार करती है. क्या सीख लेती है. यह बातें अधिक महत्व रखती है. हर युग में प्रतिभाशाली महिलाएं रही है. हर युग में अपनी प्रतिभा से समाज में उदाहरण प्रस्तुत किया है. आगे भी महिलाएं खुद को साबित करती रहेंगी. हम हर युग में कामयाब थे, कामयाब हैं और कामयाब ही रहेंगे.क्या बोलीं महिलाएं :
अंतरराष्ट्रीय तीरंदाज सह प्रशिक्षक एंजेला सिंह ने कहा कि टाइम मैनेजमेंट शिक्षा के क्षेत्र में जरूरी है. जहां तक महिला सशक्तीकरण की बात है. तो हम सशक्त हुए हैं. समय के साथ कई जिम्मेदारी भी बढ़ी है. सुबह से शाम तक दिनचर्या लगातार चलती रहती है. समाजसेवी दीपमाला ने कहा कि हर दिन कई पहलुओं से दो-चार होना पड़ता है. घर की जिम्मेदारी से लेकर नयी पीढ़ी को गढ़ने की जिम्मेदारी भी उठानी पडती है. हम हर काम को जिम्मेदारी के साथ बखूबी कर रही हैं. चिकित्सक डॉ कुसुम प्रकाश ने कहा कि महिलाएं खुद को कभी भी कम नही आकें. आज जो कुछ भी हूं. इसका श्रेय मेरे शुभचिंतकों से अधिक राह में रोड़ा अटकाने वालों को देती हूं. जिन्होंने कहा था कि लड़कियां कुछ अधिक नहीं कर पाती हैं शिक्षिका पूनम झा ने कहा कि हर कदम पर महिलाओं को सहारे की जरूरत पड़ती है. यह बात मैंने गलत साबित की है. खुद के बल पर लगातार आगे बढ़ती गयी हूं और मेरा विश्वास है हर किसी को साथ लेकर नि:संदेह आगे बढ़ती ही रहूंगी. स्वास्थ्यकर्मी विभा कुमारी ने कहा कि मैंने प्रोफेशन एक चैलेंज के रूप में चुना. लड़की होने के बाद भी कभी किसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ा. लगातार अपने क्षेत्र में आगे बढ़ रही हूं. टाइम मैनेजमेंट को लेकर समस्या खड़ी होती है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
