Bokaro news : पैसे के बदले संपत्ति नहीं बेची, तो मां-बेटे को 15 माह तक घर में बनाया बंधक, पुलिस ने कराया मुक्त

Bokaro news : सेक्टर छह डी/2517 के खाली आवास में रखे गये थे बिहार के शेखपुरा निवासी सीता देवी व संतोष कुमार, चास के तारानगर वंशीडीह स्थित अचल संपत्ति बेचने का था दबाव.

बोकारो, मदद के तौर पर दिये गये पैसे के बदले संपत्ति नहीं बेची, तो एक नेता ने बिहार के रहनेवाले मां-बेटे को बंधक बना लिया. दोनों 15 माह तक घर में कैद रहे. सोमवार को सेक्टर छह थाना पुलिस ने दोनों को मुक्त कराया. थाना प्रभारी संगीता कुमारी ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद वरीय अधिकारियों को जानकारी दी गयी. निर्देश के बाद सत्यापन करने के साथ 70 वर्षीया सीता देवी और 45 वर्षीय संतोष कुमार को कैद से छुड़ाया गया. मामला संगीन है. आगे की जांच की जा रही है. बताया जाता है कि चास के तारानगर वंशीडीह में सीता देवी की अचल संपत्ति है. आरोपी नेता अशोक सिंह इसी संपत्ति को बेचने का दबाव बना रहा था. संगीता कुमारी ने बताया कि चास थाना पुलिस से सत्यापन कराया. पता चला कि 15 माह पूर्व एक महिला व पुरुष वंशीडीह से लापता हैं. पुष्टि होने पर पुलिस बिना देरी किये सेक्टर छह डी स्थित बीएसएल के खाली आवास संख्या-2517 में पहुंची. थाना प्रभारी संगीता कुमारी ने आवास का ताला कटवा कर मां-पुत्र को मुक्त कराया. तब जाकर ब्लॉक के साथ-साथ आस-पड़ोस के लोगों को मामले की जानकारी मिली. वहां लोग एकत्रित हो गये. पड़ोस के लोगों को मां-बेटे के कैद होने की भनक तक नहीं थी. आरोपी अशोक सिंह, जो एक राजनीतिक पार्टी से जुड़ा है, सेक्टर तीन का रहनेवाला है. बताया जाता है कि अशोक सिंह किसी और मामले में अभी जेल में बंद है.

आरोपी अशाेक सिंह ने मां-बेटे की कई बार की पिटाई

कैद से मुक्त होने के बाद संतोष कुमार ने पुलिस को बताया कि न्यायालय में एक केस चल रहा है. इसी सिलसिले वह एक अधिवक्ता के पास जाता था. उसी के जरिए अशोक सिंह से परिचय हुआ. अशोक ने आर्थिक रूप से उनकी मदद की. बाद में राशि वापस करने के लिए दबाव बनाया. पैसे के बदले चास के तारानगर वंशीडीह स्थित संपत्ति बेचने काे कहा. कई बार मारपीट भी की. बताया कि वह 15 माह पूर्व बाइक पर बैठा कर उनदोनों को सेक्टर छह डी आवास ले गया. उसने संपत्ति बेचने से जुड़ा कार्य बताया था. आरोपी ने मां और बेटे को उसी आवास में बंद कर बाहर से गेट पर ताला लगा दिया. उसने खाने के लिए चावल व आटा दिया था. राशन खत्म होने पर खिड़की के जरिए दोनों पड़ोसी से मांग कर खाते थे. एक दिन मां बालकनी में खड़ी थी, तभी एक परिचित गुजर रहे थे. सीता देवी ने उनसे मदद की गुहार लगायी. बात पुलिस तक पहुंची. संतोष ने बताया कि वे लोग मूलरूप से बिहार के शेखपुरा जिले के रहनेवाले हैं. उसके पिता व भाई की पहले ही मौत हो चुकी है. चास थाना क्षेत्र के तारानगर वंशीडीह में उसका आवास है.

बोले एसपी

एसपी हरविंदर सिंह ने कहा कि मामला गंभीर है. थाना प्रभारी को जांच के आदेश दिये गये हैं. दोषी कौन-कौन है, सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है. दोषियों को गिरफ्तार किया जायेगा.

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