Bokaro News : बीएसएल में हाइपोक्लोराइड डोजिंग स्टेशन शुरू, जल शोधन की प्रक्रिया होगी सरल व प्रभावी
Bokaro News : डोजिंग स्टेशन के माध्यम से पेयजल में कीटाणुनाशक की सटीक मात्रा बनाये रखना संभव होगा, जिससे आपूर्ति किये जाने वाले जल की गुणवत्ता निरंतर उच्च बनी रहेगी.
By ANAND KUMAR UPADHYAY | Updated at :
बोकारो, बोकारो इस्पात संयंत्र के जल प्रबंधन विभाग (डब्ल्यूएमडी) में पेयजल उपचार की प्रक्रिया को अधिक सुदृढ़, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में शनिवार को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गयी. संयंत्र में नवनिर्मित हाइपोक्लोराइड डोजिंग स्टेशन का उद्घाटन मुख्य अतिथि पूर्व निदेशक प्रभारी (राउरकेला इस्पात संयंत्र) अतानु भौमिक व अधिशासी निदेशक (संकार्य) अनूप कुमार दत्त ने किया. इस नई प्रणाली के क्रियान्वयन से अब जल शोधन की प्रक्रिया न केवल सरल और प्रभावी हो जायेगी, बल्कि सुरक्षा के मानकों में भी उल्लेखनीय सुधार होगा.
कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित
इस आधुनिक डोजिंग स्टेशन के माध्यम से पेयजल में कीटाणुनाशक की सटीक मात्रा बनाये रखना संभव होगा, जिससे आपूर्ति किये जाने वाले जल की गुणवत्ता निरंतर उच्च बनी रहेगी. गौरतलब है कि पूर्व में पेयजल के उपचार के लिए क्लोरीन गैस का उपयोग किया जाता था. यद्यपि यह विधि कीटाणुशोधन में प्रभावी थी, परंतु सुरक्षा के दृष्टिकोण से क्लोरीन गैस का भंडारण और उसका उपयोग अत्यंत जोखिमपूर्ण व चुनौतीपूर्ण कार्य था. नवीन हाइपोक्लोराइड प्रणाली ने इस सुरक्षा जोखिम को पूरी तरह समाप्त कर दिया है, जिससे कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित हुई है.
तकनीकी उन्नयन की दिशा में बड़ा कदम
इस परियोजना का सफल क्रियान्वयन मुख्य महाप्रबंधक (उपयोगिताएं) संजीव रंजन सिंह के कुशल नेतृत्व में जल प्रबंधन विभाग की टीम ने किया. इसमें महाप्रबंधक अनुपम कुमार, महाप्रबंधक के भट्टाचार्या, उप महाप्रबंधक ई मिंज, सहायक महाप्रबंधक एच. शेखर, सहायक महाप्रबंधक एस गंगवार, सहायक महाप्रबंधक अंकित कुमार, सहायक महाप्रबंधक मनोज कुमार, सहायक महाप्रबंधक बी राम व विभाग के अन्य कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा. उद्घाटन समारोह के दौरान अतिथियों ने टीम डब्ल्यूएमडी के प्रयासों की सराहना की और इसे तकनीकी उन्नयन की दिशा में एक बड़ा कदम बताया.
जल की गुणवत्ता सुनिश्चित कर शून्य क्षति के लक्ष्य को प्राप्त करने में भी सहायक
हाइपोक्लोराइड डोज़िंग स्टेशन की यह पहल बोकारो इस्पात संयंत्र की अपने कर्मियों और नगरवासियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है. जोखिमपूर्ण प्रणाली के स्थान पर इस सुरक्षित विकल्प को अपनाना न केवल संयंत्र की सुरक्षा संस्कृति को मजबूती प्रदान करता है, बल्कि परिचालन दक्षता और जल की गुणवत्ता सुनिश्चित कर ‘शून्य क्षति’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में भी सहायक सिद्ध होगा.