बोकारो, गाय-भैंस की नस्ल में अपेक्षित सुधार लाने, उत्पादकता में वृद्धि, कृत्रिम गर्भाधान दर में वृद्धि करने व पशुपालकों को जागरूक करने के लिए बुधवार को चास प्रखंड के मामरकुदर में बछड़ा प्रदर्शनी का आयोजन हुआ. अवर प्रमंडल पशुपालन पदाधिकारी चास डॉ अजीत शरण ने कहा कि स्वस्थ बछिया भविष्य में अच्छी दुग्ध उत्पादन वाली गाय बनती है, जिससे पशुपालकों की आमदनी में वृद्धि हो सकती है. उन्होंने बछिया पालन को डेयरी विकास की मजबूत नींव बताया. डॉ आभा कुमारी व डॉ मुंद्रिका दास ने पशुपालकों को वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन करने व उन्नत नस्ल के बछड़ों के रख-रखाव के प्रति जानकारी दी. प्रदर्शनी में 60 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. रूपलाल महतो, जशोदा देवी व खलील अंसारी को क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार मिला. इसके अलावा सात सांत्वना पुरस्कार भी दिया गया. सभी पशुपालक के बीच मुफ्त दवा का वितरण किया गया. विशेषज्ञों की टीम बछड़ों के स्वास्थ्य, वजन, नस्ल विशेषताओं के आधार पर निरीक्षण कर पुरस्कार निर्धारित किया. इस दौरान कृत्रिम गर्भाधान, बछिया के पालन पोषण, टीकाकरण, कृमिनाशक दवा व मोबाइल भेंटरीनरी सेवा 1962 की जानकारी पशुपालकों को दी गयी. मौके पर उप-मुखिया शत्रुध्न महतो, पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ आलोक कुमार, डॉ जावेद अख्तर व अन्य मौजूद थे.
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