Bokaro News: 12 फरवरी को कर्मचारियों को नहीं दी जायेगी छुट्टी : बीएसएल

Bokaro News: बीएसएल प्रबंधन ने आहूत हड़ताल को लेकर कर्मियों से की अपील, दी चेतावनी, पहले से स्वीकृत छुट्टी को रद्द माना जायेगा, सीजीएम स्तर के अधिकारी के अनुमोदन से छुट्टी व उत्पादन और उत्पादकता, औद्योगिक शांति व सद्भाव को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करेगा.

बोकारो, बोकारो स्टील प्लांट में 12 फरवरी को आहूत हड़ताल को लेकर प्रबंधन ने कर्मियों से अपील के साथ चेतावनी भी दी है. बीएसएल के मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) अंजनी कुमार शरण ने कहा है कि कुछ श्रम संगठनों ने अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में 12 को राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल के आह्वान पर हड़ताल करने का नोटिस दिया है. कहा कि बोकारो स्टील प्लांट थर्मो सेंसेटिव यूनिट वाला एक एकीकृत स्टील प्लांट है. संचालन प्रक्रिया में कोई भी व्यवधान मानव शक्ति और मशीन के लिए खतरनाक होगा. उत्पादन और उत्पादकता, औद्योगिक शांति व सद्भाव को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करेगा.

12 को काम नहीं करने वाले कर्मचारियों को हड़ताल पर माना जायेगा

उत्पादन की गति को बनाये रखने के लिए बीएसएल प्रबंधन ने निर्णय लिया है कि किसी भी कारण से 12 फरवरी को कर्मचारियों को कोई छुट्टी नहीं दी जायेगी. पहले से स्वीकृत छुट्टी को रद्द माना जायेगा. हालांकि, आपात स्थिति में सीजीएम स्तर के अधिकारी के अनुमोदन से छुट्टी ली जा सकती है. 12 फरवरी को कार्य नहीं करने वाले कर्मचारियों को हड़ताल पर माना जायेगा. उसके अनुसार, नो वर्क नो पे के सिद्धांत पर एक दिन के लिए वेतन की कटौती होगी और प्रोत्साहन/पुरस्कार की भी हानि होगी. इसके अलावा वैसे कर्मचारी कंपनी के नियमानुसार, अनुशासनात्मक कार्रवाई के भागी होंगे.

केंद्र सरकार ने औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 के प्रावधानों के तहत लौह और इस्पात उद्योग को पब्लिक यूटिलिटी सर्विस घोषित किया है. हड़ताल औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 के प्रावधानों का उल्लंघन होगा. प्रत्येक कर्मचारी अच्छी तरह से जानता है कि उत्पादन का प्रवाह बनाये रखना प्लांट और सेल के लिए महत्वपूर्ण है. सेल/बोकारो इस्पात संयंत्र में ट्रेड यूनियनों/श्रमिकों के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श के माध्यम से मुर्दों को सुलझाने की एक स्वस्थ परंपरा रही है और इससे एक अनुकूल औद्योगिक शाति माहौल को स्थापित करने में मदद मिली है. बीएसएल में कार्यरत सभी ट्रेड यूनियनों व कर्मचारियों से यह अपेक्षा की जाती है कि मुद्दों को सुलझाने के लिए इसी परंपरा को बनाए रखा जाये.

कंपनी प्रतिस्पर्द्धा की चुनौतियों का सामना करने के लिए कृत संकल्प

उधर, बीएसएल की अधिशासी निदेशक (मानव संसाधन) राजश्री बनर्जी ने कर्मियों से अपील की है कि सभी कर्मचारी और श्रमिक संगठन इस तथ्य से भली-भांति अवगत है कि आज के वातावरण में हमारी कंपनी प्रतिस्पर्द्धा की चुनौतियों का सामना करने व ग्राहक संतुष्टी द्वारा अपने व्यावसायिक आधार को सुदृढ़ करने के लिए कृत संकल्प है और इस दिशा में हमने बहुत सारे सार्थक कदम उठाये है. कंपनी ने अपने कर्मचारियों, ठेका श्रमिकों व पूर्व कर्मचारियों के हित व कल्याण के लिये अनेक कदम उठाये हैं. इस चरण में हड़ताल से हमारे प्लान्ट की प्रगति निश्चित रूप से प्रभावित होगी और हड़ताल के बाद उत्पादन गति को पुनः प्राप्त करने में हमारा बहुमूल्य समय नष्ट होगा.

हड़ताल में भाग ना लें और उत्पादन की गति को बनाये रखें : बीएसएल

हड़ताल के कारण उपकरणों व प्रकिया में होने वाली क्षति की भरपाई करना अत्यंत मुश्किल होगा. इस हड़ताल के फलस्वरूप कंपनी को आर्थिक नुकसान तो होगा ही साथ ही साथ प्रोत्साहन, पुरस्कार इत्यादि के रूप में हड़ताली कर्मचारियों को आर्थिक क्षति पहुंचेगी. तीन अप्रैल 2025 व चार अप्रैल 2025 को कतिपय कारणों से उत्पादन की प्रकिया में बाधा उत्पन्न होने से बोकारो स्टील प्लांट को काफी राजस्व की हानि हो चुकी है. जिससे उबरने में काफी वक्त लग सकता है. अतः ऐसी परिस्थिति में सभी कर्मचारी से व्यक्तिगत रूप से अपील करती है कि वे इस प्रस्तावित हड़ताल में भाग न लें और उत्पादन की गति को बनाये रखें.

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By ANAND KUMAR UPADHYAY

ANAND KUMAR UPADHYAY is a contributor at Prabhat Khabar.

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