कसमार, बोकारो जिले के बेचिरागी गांवों से जुड़ी स्थिति, इतिहास और विकास की जटिलताओं को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है. प्रभात खबर में मंगलवार को प्रकाशित विस्तृत खबर जिसमें कैराकुदर, आस्ताबेड़ा, हांड़हुंडू सहित जिले के 24 ऐसे गांवों का उल्लेख किया गया था. यहां वर्षों से स्थायी आबादी नहीं है. इस पर उपायुक्त अजय नाथ झा ने स्वतः संज्ञान लिया है. खबर में इन गांवों के राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज होने, खेत-खलिहान और आम बागवानी जैसी गतिविधियों के बावजूद मानव बसावट न होने, लोकविश्वास, ऐतिहासिक कारणों और प्रशासनिक उपेक्षा जैसे पहलुओं को प्रमुखता से उठाया गया था. उपायुक्त अजय नाथ झा ने बेचिरागी गांवों की वास्तविक स्थिति की गहराई से समीक्षा करने का निर्देश दिया है. बैठक में उन सभी बिंदुओं पर चर्चा होगी, जो पूर्व प्रकाशित खबर में सामने आए थे.
Bokaro News: बेचिरागी गांव मामले पर डीसी ने लिया संज्ञान, 25 फरवरी को होगी समीक्षा बैठक
Bokaro News: बोकारो जिले के बेचिरागी गांवों से जुड़ी स्थिति, इतिहास और विकास की जटिलताओं को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है.
