बोकारो, ट्रेड यूनियन संयुक्त मोर्चा बोकारो की ओर से सोमवार को बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) के इडी वर्क्स बिल्डिंग के समक्ष प्रदर्शन कर 12 फरवरी की हड़ताल को सफल बनाने को लेकर आवाज बुलंद की गयी. अध्यक्षता सीटू के महामंत्री आरके गोरांई ने की. सीटू अध्यक्ष बीडी प्रसाद ने कहा कि लगातार जनविरोध के बावजूद केंद्र सरकार कॉरपोरेट निर्देशित नीतियों को लागू करते हुए जनता का शोषण करने पर अड़ी हुई है. इसी क्रम में सदियों की लंबी संघर्षों और शहादत से हासिल 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर 21 नवंबर 2025 को मजदूर वर्ग पर चार लेबर कोड की अधिसूचना जारी कर दी गयी.
10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, स्वतंत्र फेडरेशन व एसोसिएशनों का संयुक्त निर्णय
एटक के महामंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह ने कहा कि चार लेबर कोड की अधिसूचना उनके तहत नियमों को तैयार करने के साथ खराब होती अर्थव्यवस्था, बढ़ती बेरोजगारी, बढ़ते सामाजिक तनाव, लोकतांत्रिक अधिकारों व वोट के अधिकार पर बढ़ते हमले की पृष्ठभूमि में 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, स्वतंत्र फेडरेशन व एसोसिएशनों के संयुक्त मंच ने नौ जनवरी 2025 को दिल्ली में राष्ट्रीय श्रमिक कन्वेंशन आयोजित कर 12 को एक दिवसीय हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है. उपरोक्त हड़ताल का राष्ट्रीय संयुक्त किसान मोर्चा व खेत मजदूर संगठन ने भी समर्थन किया है. श्री सिंह ने कहा कि मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ बोकारो स्टील प्लांट के मजदूर हड़ताल पर रहेंगे. प्रदर्शन को इंटक के दीपक मिश्रा, एचएमएस के आरके सिंह, एआइयूटीयूसी के सुभाष प्रमाणिक ने भी संबोधित किया. कहा कि 12 को चार लेबर कोड रद्द किए जाने की मांग पर मजदूर अपना अंतिम हथियार का प्रयोग करेंगे और हड़ताल पर रहेंगे. वर्तमान केंद्र सरकार मेहनतकशों के जीवन और जीविका पर संगठित हमले कर रही है. इसको लेकर हर वर्ग के मजदूरों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है.
