Bokaro News: 1966 से परंपरा का प्रतीक, बीएसएल का बसंत मेला
Bokaro News: सेक्टर पांच स्थित पुस्तकालय मैदान में दो दिवसीय बसंत मेला में 28 फरवरी से, शुरुआत में बोकारो में रह रहे सोवियत संघ के विशेषज्ञ मेले में लगाते थे स्टॉल, 100 से अधिक तरह का मेला में लगता है स्टॉल.
By ANAND KUMAR UPADHYAY | Updated at :
सुनील तिवारी, बोकारो, बोकारो इस्पात संयंत्र प्रबंधन की ओर से वर्ष 1966 से बसंत मेला लगाया जाता है. 2016 से पहले हर साल मेला सिटी पार्क में आयोजित किया जाता था, अब पुस्तकालय मैदान सेक्टर पांच में लग रहा है. यह मेला बोकारो वासियों के बीच विशिष्ट स्थान रखता है. मेला बोकारो के हर आयु वर्ग के लोगों के बीच आकर्षक का केंद्र रहता है. बीएसएल की स्थापना काल में तत्कालीन सोवियत संघ के विशेषज्ञ बोकारो आये थे. बसंत मेला में वह भी स्टॉल लगाते थे. यहां पेस्ट्री, केक, विदेशी सूटकेस, कैमरा, बेल्ट, टाई, गुड़िया, परफ्यूम आदि की बिक्री की जाती थी.
90 के दशक में विदेशी लौट गये, रोचकता आज भी बरकरार
90 के दशक में विदेशी विशेषज्ञ बोकारो से अपने देश लौट गये. लेकिन, मेले की रोचकता आज भी बरकरार है. बीएसएल सहित अन्य 100 से अधिक तरह-तरह के स्टॉल मेला में लगते हैं.
28 की शाम चार बजे होगी मेला की रंगारंग शुरुआत
बोकारो स्टील सिटी के पुस्तकालय मैदान सेक्टर पांच में दो दिवसीय (28 फरवरी व 01 मार्च) बसंत मेला का आयोजन किया जायेगा. बीएसएल की ओर से इसकी तैयारी शुरू कर दी गयी है. शाम चार बजे इसकी रंगारंग शुरुआत होगी. मेला में बीएसएल के विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली व अन्य जानकारी से अवगत कराने के लिए स्टाल्स लगायें जायेंगे. मेला में कॉमर्शियल स्टॉल की बुकिंग के लिए एके अविनाश-सीइडी (मोबाइल नंबर 8986872572) व राकेश बाबू वेलपूरी-नगर सेवा (मोबाइल नंबर 8986872452) पर संपर्क किया जा सकता है. इसको लेकर लोगों में उत्साह है.
देश की सभ्यता व संस्कृति की दिखेगी झलक
बसंत मेले में देश की सभ्यता व संस्कृति की झलक को प्रस्तुत करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा. गीत-संगीत, रॉक बैंड, कवि सम्मेलन, हस्तशिल्प व अन्य प्रदर्शनी, बीएसएल व अन्य संस्थानों के स्टॉल, फूड स्टॉल, लकी कूपन रैफल ड्रा, विभिन्न प्रकार के मनोरंजक आयोजन होंगे. बच्चों के मनोरंजन की खास व्यवस्था की जा रही है. मेले को सफल बनाने के लिए संचालन कमेटी बनायी गयी है. बीएसएल के संचार प्रमुख मणिकांत धान ने कहा कि बसंत मेले में स्टील प्लांट के विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाये जायेंगे, जिसमें प्लांट की उत्पादन व उत्पादकता से लोग अवगत होंगे. साथ हीं, जिले में बेहतर काम कर रहे सामाजिक संगठनों को भी मेले के माध्यम से मंच मिलेगा. झूला सहित अन्य मनोरंजक सामग्री के भी स्टॉल लगाये जायेंगे.