जर्जर भवन में चल रहा बोकारो का प्रधान डाकघर, हर दिन खतरे के साये में कर्मचारी और ग्राहक

बोकारो का प्रधान डाकघर जर्जर इमारत में चल रहा है। छत से गिरता प्लास्टर और दीवारों में दरारें कर्मचारियों और ग्राहकों के लिए बड़ा खतरा बनी हुई हैं।

बोकारो: देशभर में डाक विभाग तेजी से आधुनिक और डिजिटल सेवाओं की ओर बढ़ रहा है. स्पीड पोस्ट, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी), आधार सेवा, डिजिटल बैंकिंग, ऑनलाइन भुगतान और ई-कॉमर्स जैसी सुविधाओं ने डाकघरों की कार्यप्रणाली पूरी तरह बदल दी है. लेकिन बोकारो स्टील सिटी के सेक्टर-2 स्थित प्रधान डाकघर की जर्जर इमारत इस बदलती तस्वीर से बिल्कुल मेल नहीं खाती.

बाहर से लेकर अंदर तक भवन की हालत ऐसी है कि इसे देखकर यह विश्वास करना मुश्किल होता है कि यहीं से जिले की सबसे महत्वपूर्ण डाक व वित्तीय सेवाओं का संचालन होता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि आधुनिक सेवाओं के अनुरूप भवन भी सुरक्षित और सुविधायुक्त होना चाहिए.

उनका कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है. बोकारो के सबसे महत्वपूर्ण डाकघर की यह बदहाल तस्वीर अब विभाग से ठोस कार्रवाई की मांग कर रही है.

1983 में बना भवन, 2006 में हुआ था नवीनीकरण

करीब 1983 में निर्मित इस भवन का 21 जनवरी 2006 को नवीनीकरण कराया गया था. भवन परिसर में लगी शिलापट्ट के अनुसार तत्कालीन केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ए. राजा तथा तत्कालीन राज्यमंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की प्रेरणा से नवीनीकृत प्रधान डाकघर का उद्घाटन तत्कालीन झारखंड डाक परिमंडल के निदेशक अनिल कुमार ने किया था. उस समय उम्मीद थी कि भवन लंबे समय तक बेहतर स्थिति में रहेगा, लेकिन करीब दो दशक बाद ही यह फिर जर्जर अवस्था में पहुंच गया है.

छत से झड़ रहा प्लास्टर, दीवारों में दरारें

भवन की छत का प्लास्टर कई जगह से टूटकर गिर चुका है. कुछ स्थानों पर लोहे की सरिया तक दिखाई देने लगी है. दीवारों में दरारें पड़ चुकी हैं, खिड़कियां जंग खा रही हैं और बरसात के दिनों में पानी रिसने की समस्या भी बनी रहती है. कर्मचारियों का कहना है कि भवन की नियमित मरम्मत नहीं होने से स्थिति लगातार बिगड़ती गई है. ऐसे में किसी भी समय कोई अप्रिय घटना होने की आशंका बनी हुई है.

तीन लाख से अधिक खातों का संचालन

बोकारो प्रधान डाकघर केवल डाक वितरण का केंद्र नहीं, बल्कि जिले की एक बड़ी वित्तीय संस्था भी है. यहां तीन लाख से अधिक विभिन्न योजनाओं के खाते संचालित हैं. बचत खाता, आरडी, टीडी, एमआईएस, पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि योजना, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र, किसान विकास पत्र, डाक जीवन बीमा, ग्रामीण डाक जीवन बीमा और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक सहित अनेक योजनाओं का संचालन इसी प्रधान डाकघर से किया जाता है. प्रतिदिन सैकड़ों लोग इन सेवाओं का लाभ लेने यहां पहुंचते हैं.

भवन काफी पुराना है और समय-समय पर आवश्यक मरम्मत कराई जाती रही है. भवन की वर्तमान स्थिति से विभाग के वरीय अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है. विभाग से स्वीकृति मिलने के बाद नियमानुसार मरम्मत व अन्य आवश्यक कार्य कराए जाएंगे, ताकि कर्मचारियों और ग्राहकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो.


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By Dharmanath kumar

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