बीजीएच को निजी हाथों में सौंपने का विरोध, बीएकेएस ने चेताया

बोकारो जेनरल अस्पताल के निजीकरण के विरोध में बीएकेएस ने मोर्चा खोला है। कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रबंधन को चेतावनी दी है।

बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ (बीएकेएस) की ओर से बोकारो जेनरल अस्पताल (बीजीएच) में बुधवार को विभागीय बैठक आयोजित की गयी. इसका संचालन विभागीय प्रतिनिधि रेणु सिस्टर ने किया. इसमें बीजीएच के काफी संख्या में यूनियन सदस्य शामिल हुए.

बैठक में अस्पताल की स्थानीय समस्याओं, कर्मचारियों पर बढ़ते कार्यभार, बीजीएच प्रबंधन की कार्यप्रणाली, बोकारो स्टील प्लांट व सेल कॉरपोरेट स्तर की समस्याओं पर चर्चा की गयी.

निजीकरण के मुद्दे को भी उठाया गया

बैठक में बीजीएच के विभिन्न सेक्शनों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से बढ़ते निजीकरण और भविष्य में संपूर्ण निजीकरण की आशंका का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया. सदस्यों ने नियमित मैनपावर में कमी और कार्यरत कर्मचारियों पर बढ़ते कार्यभार की समस्या भी रखी.

कर्मचारियों के लिए नर्सिंग व मेडिकल इंफेक्शन भत्ता, इंसेंटिव और एक्टिंग अलाउंस में संशोधन, मोबाइल सेट-सिम व रिचार्ज, इंटरनेट पैक और फ्री वाई-फाई की सुविधा देने की मांग की गयी.

छुट्टी व अटेंडेंस से लेकर मैनपावर तक की समस्या

बैठक में अटेंडेंस करेक्शन, डब्ल्यूओडब्ल्यू की मंजूरी, छुट्टी के आवेदन के लिए अलग नियम बनाने, पुरुष मेडिकल स्टाफ को वाशिंग भत्ता देने, ऑपरेशन थियेटर तकनीशियनों की ड्यूटी व्यवस्था में सुधार व मैनेजर जैसे पदों के नवसृजन पर भी चर्चा हुई. कर्मियों को मेडिकल क्षेत्र के अनुरूप पदनाम देने, फार्मेसी में पर्याप्त मैनपावर और नियमित फार्मासिस्ट की बहाली की मांग भी उठी.


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By Dharmanath kumar

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