बोकारो: भारत में पारा मेडिकल का क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है. अनुमान है कि 2020 तक इस क्षेत्र में 90 लाख प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी. बायोलॉजी के स्टूडेंट्स के लिए इस फील्ड में कॅरियर बनाना आसान है. इसमें फ्यूचर ब्राइट होगा. भारत हेल्थकेयर सेक्टर में हॉट डेस्टिनेशन के रूप में उभरा है.
दुनियाभर से लोग यहां मेडिकल चेकअप व इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. इस कारण जिस रफ्तार से हॉस्पिटल व लैब की संख्या बढ़ रही है. उसी अनुपात में पारा मेडिकल प्रोफेशनल्स की डिमांड भी बढ़ रही है. योजना आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक भारत को लगभग 10 लाख नर्सो व बड़ी संख्या में पारा मेडिकल प्रोफेशनल्स की कमी ङोलनी पड़ रही है.
वर्ष 2020 तक 90 लाख पारा मेडिकल प्रोफेशनल्स की जरूरत : एक सर्वे के अनुसार वर्ष 2015 तक 60 लाख से अधिक व वर्ष 2020 तक 90 लाख पारा मेडिकल प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी. पारा मेडिकल के तहत बहुत सारे प्रोफेशन आते हैं. इसमें मेडिकल लेबोरेट्री टेक्नोलॉजी को काफी अहम माना जाता है. आज मेडिकल लेबोरेट्री टेक्नोलॉजिस्ट की डिमांड निजी क्षेत्र के हॉस्पिटल्स के साथ-साथ सरकारी क्षेत्र के हॉस्पिटल्स में भी खूब हैं.
