चार प्रखंडों में बनेंगे बुनकर प्रशिक्षण केंद्र

रांची: रांची जिले में चार एमएसडीपी प्रखंडों में बुनकर प्रशिक्षण केंद्र व सामुदायिक भवन बनेंगे. साथ ही जलमीनार का भी निर्माण किया जायेगा. इस संबंध में15 सूत्री कार्यान्वयन समिति की स्वीकृति मिल गयी है. शनिवार को रांची समाहरणालय सभागार में 15 सूत्री कार्यान्वयन समिति की बैठक हुई. बैठक में एमएसडीपी अंतर्गत योजनाओं से संबंधित प्रस्ताव […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 16, 2014 7:13 AM

रांची: रांची जिले में चार एमएसडीपी प्रखंडों में बुनकर प्रशिक्षण केंद्र व सामुदायिक भवन बनेंगे. साथ ही जलमीनार का भी निर्माण किया जायेगा. इस संबंध में15 सूत्री कार्यान्वयन समिति की स्वीकृति मिल गयी है. शनिवार को रांची समाहरणालय सभागार में 15 सूत्री कार्यान्वयन समिति की बैठक हुई. बैठक में एमएसडीपी अंतर्गत योजनाओं से संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गयी. बैठक में सभी निर्माणों के लिए जहां गैरमजरूआ जमीन उपलब्ध है, उससे संबंधित प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया. यह निर्णय लिया गया कि यदि गैरमजरूआ जमीन का प्रस्ताव नहीं है तो राज्यपाल के नाम पर दान दिये गये जमीन पर निर्माण कार्य होंगे.

आइटीआइ निर्माण के पूर्व उसे संचालन के लिए पीपीपी मोड पर चलाने संबंधी प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया. इसके अलावा बैठक में निर्णय लिया गया कि मांडर, कांके, चान्हो व बेड़ो में भी फेसिलिटेटरों की नियुक्ति की जायेगी. बैठक में विधायक बंधु तिर्की, डीडीसी संत कुमार वर्मा, सहित सांसद व विधायक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.

कमेटी का गठन : बैठक में चान्हो प्रखंड में निर्माणाधीन आइटीआइ भवन से संबंधित मामला उठा. अधिकारियों ने बताया कि भवन निर्माण को लेकर विवाद चल रहा है. इसे गंभीरता से लेते हुए जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है.

कुछ ही दिनों में बदलवा लिया तबादला

रांची: झारखंड में अफसरों के तबादले का कोई मापदंड नहीं है. सिस्टम से ज्यादा प्रभावी व्यक्ति है. यही वजह है कि कुछ अफसर तबादला आदेश को नहीं मानते और फिर आदेश बदलवा भी लेते हैं. 11 फरवरी को हुए राप्रसे अफसरों के तबादले में भी ऐसा ही हुआ. पहले जिन चार अफसरों का तबादला हुआ था, उन्होंने स्थानांतरित जगहों पर योगदान नहीं किया और 11 फरवरी के आदेश में उनका तबादला आदेश बदल गया. इतना ही नहीं साल भर पहले कुछ अफसरों का तबादला हुआ था, उन्हें भी बेहतर जगहों पर भेजा गया. इसमें से एक संयुक्त सचिव उपेंद्र नारायण उरांव को तो फिर से मार्केटिंग बोर्ड के प्रबंध निदेशक का पद दे दिया गया है. वहीं रिम्स में पदस्थापित उप निदेशक (प्रशासन) को भी उद्योग निदेशक का पद दे दिया गया.