रांची से लापता अंश और अंशिका सकुशल मिले.

Video: रांची से लापता अंश-अंशिका रामगढ़ के चितरपुर से सकुशल बरामद, दो लोगों की हुई गिरफ्तारी

रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र से लापता अंश और अंशिका की सकुशल बरामदगी हो गई है. दोनों सगे भाई बहन रामगढ़ के चितरपुर से पुलिस के द्वारा बरामद किए गए. पुलिस ने दोनों बच्चों के साथ मौजूद एक महिला और पुरुष को हिरासत में लिया है.

चितरपुर, अंश-अंशिका: सुरेंद्र कुमार/शंकर पोद्दार की रिपोर्ट- राजधानी रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र अंतर्गत मल्लार टोली मौसीबाड़ी से लापता पांच वर्षीय अंश और चार वर्षीय अंशिका को 13वें दिन रजरप्पा पुलिस ने चितरपुर के पहाड़ी इलाके से सकुशल बरामद कर लिया. इस अभियान में बजरंग दल से जुड़े युवाओं की सक्रिय भूमिका सराहनीय रही. प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार की रात बच्चों के चितरपुर क्षेत्र में देखे जाने की सूचना मिली. सूचना मिलते ही क्षेत्र के युवा डब्लू साहू, सचिन कुमार, सुनील कुमार, सन्नी नायक और अंशु कुमार ने अपने स्तर से रातभर इलाके में खोजबीन व गश्ती शुरू की. सगे भाई-बहन अंश-अंशिका अपने घर के पास की एक दुकान से लापता हुए थे.

कब और कहां मिले अंश-अंशिका?

बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे चितरपुर लाइन पार स्थित पहाड़ी क्षेत्र के एक घर के बाहर दोनों मासूम बैठे हुए दिखाई दिए. युवाओं ने तुरंत इसकी सूचना रजरप्पा पुलिस को दी. सूचना मिलते ही रजरप्पा पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों बच्चों को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया. पुलिस ने बच्चों के साथ मौजूद महिला और पुरुष को भी हिरासत में लिया है. बरामद बच्चों तथा हिरासत में लिए गए महिला-पुरुष को आगे की पूछताछ व कानूनी प्रक्रिया के लिए रामगढ़ एसपी कार्यालय ले जाया गया है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है. बच्चों के सकुशल मिलने से परिजनों ने राहत की सांस ली है, वहीं स्थानीय युवाओं की तत्परता की क्षेत्र में प्रशंसा हो रही है.

प्रशासन ने खोजबीन के लिए एक कर दिया पूरा देश

पुलिस ने बच्चों की बरामदगी के लिए एसआईटी का गठन किया गया था. बिहार, बंगाल समेत देश के 18 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में अंश-अंशिका की तलाश के लिए कई राज्यों में एसआईटी की टीम ने छापेमारी की गई थी. बचपन बचाओ आंदोलन व अन्य संगठनों के सदस्य देशभर के 439 जिलों में बच्चों की तलाश में जुटी थी. देश भर के सभी लीगल वॉलेंटियर्स को भी अंश-अंशिका का पता लगाने के लिए सक्रिय हो गये थे. बच्चों की तलाश में SIT, झालसा, बचपन बचाओ आंदोलन और कई राज्यों की पुलिस जुटी थी रांची पुलिस ने बच्चों की सूचना देने वालों के लिए 4 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था.

प्रभात खबर ने भी बनाई थी अपनी एसआईटी

पुलिस पर दबाव बनाने के लिए प्रभात खबर ने भी अपने रिपोर्टर्स की एक एसआईटी बनायी थी. एसआईटी के सदस्य कल ही रामगढ़ के रजरप्पा थाना क्षेत्र के गुलगुलिया टोला पहुंची थी. राजधानी रांची से गढ़वा जिले के रंका तक पुलिस ने अंश और अंशिका के पोस्टर लगाये, ताकि बच्चों का सुराग जल्द से जल्द मिल सके. सत्ताधारी दलों के साथ-साथ विपक्षी दलों के नेता भी अंश और अंशिका के माता-पिता से मिलने पहुंचे थे.

परिवार को मिला प्रशासन और नेताओं का साथ

राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने डीजीपी को नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा था. पंचायत संघ ने बच्चों के माता-पिता को मदद का आश्वासन दिया और 21 हजार रुपए का इनाम देने की भी घोषणा की थी. 13 जनवरी को भारतीय जनता पार्टी ने अंश-अंदेश भर के सभी लीगल वॉलेंटियर्स को भी अंश-अंशिका का पता लगाने के लिए सक्रिय हो गये थे. अंश और अंशिका की सकुशल बरामदगी के लिए रांची के एसएसपी कार्यालय का घेराव किया था. अब दोनों बच्चों की बरामदगी से परिजनों के साथ-साथ जांच अभियान में लगे सभी लोगों ने राहत की सांस ली है.

ये भी पढ़ें:-

Video: जल्द माता-पिता से मिलेंगे अंश और अंशिका, रंग लायी प्रभात खबर की मुहिम, रिपोर्टर्स की एसआईटी को मिला समाज का साथ

रांची-गुमला मार्ग पर तेज रफ्तार का कहर! यात्री बस पलटी, 40 घायल, 12 की हालत गंभीर

अलग अंदाज में दिखीं विधायक सविता महतो, मकर-टुसू पर खुद बनाया गुड़ पीठा

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >