तुबिद और वीडी राम के खिलाफ प्रारंभिक जांच

रांची: निगरानी ब्यूरो ने पूर्व गृह सचिव जेबी तुबिद और पूर्व डीजीपी वीडी राम के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है. जेबी तुबिद फिलहाल कैबिनेट सचिव हैं. वीडी राम सेवानिवृत्त हो चुके हैं. मामला पुलिस मुख्यालय परिसर में 84 लाख रुपये की लागत से बने डाटा सेंटर से जुड़ा है. बिना टेंडर के डाटा […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 26, 2013 7:04 AM

रांची: निगरानी ब्यूरो ने पूर्व गृह सचिव जेबी तुबिद और पूर्व डीजीपी वीडी राम के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है. जेबी तुबिद फिलहाल कैबिनेट सचिव हैं. वीडी राम सेवानिवृत्त हो चुके हैं. मामला पुलिस मुख्यालय परिसर में 84 लाख रुपये की लागत से बने डाटा सेंटर से जुड़ा है. बिना टेंडर के डाटा सेंटर के निर्माण को लेकर राजू नामक एक व्यक्ति ने राज्यपाल से शिकायत की थी. मामले की जांच की जिम्मेदारी निगरानी के एसपी विपुल शुक्ला को दी गयी है. अब निगरानी ने इस मामले में शुक्रवार को पीई (प्रिमिलरी इंक्वायरी-17/2013) दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है.

महालेखाकार ने पकड़ा मामला : जानकारी के अनुसार, 2008-09 में डाटा सेंटर बनाने के लिए पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन को पुलिस आधुनिकीकरण मद से राशि उपलब्ध करायी गयी थी. कॉरपोरेशन ने इसके लिए टेंडर निकाला. पर वर्क अलॉट होने से पहले ही किसी ने डाटा सेंटर का निर्माण कर दिया.

इसके बाद कॉरपोरेशन के तत्कालीन एमडी ने टेंडर अलॉट करने से इनकार कर दिया. इस तरह डाटा सेंटर का निर्माण बिना टेंडर के ही पूरा कर दिया गया. तत्कालीन महालेखाकार ने पुलिस विभाग के अंकेक्षण के दौरान बिना टेंडर डाटा सेंटर के निर्माण का मामला पकड़ा था. उन्होंने राज्य सरकार को इससे संबंधित रिपोर्ट भेजी थी. साथ ही सरकार से यह जानना चाहा था कि पुलिस मुख्यालय परिसर में बिना टेंडर के डाटा सेंटर का निर्माण किसके आदेश से किया गया.

महालेखाकार की आपत्ति के बाद डाटा सेंटर निर्माण में खर्च हुई राशि के भुगतान पर रोक लगा दी गयी थी. जानकारी के अनुसार, मामले में जेबी तुबिद और वीडी राम के खिलाफ मिली शिकायत की जांच करने की अनुमति सरकार ने राष्ट्रपति शासन के दौरान ही दे दी थी. इसके बाद निगरानी विभाग की ओर से निगरानी आयुक्त सह गृह सचिव के पास संचिका भेजी गयी. 24 जुलाई को संचिका निगरानी विभाग में वापस पहुंची. एडीजी नीरज सिन्हा के आदेश के बाद शुक्रवार को निगरानी थाने में प्रारंभिक जांच के लिए पीई दर्ज की गयी.