दुमका : महुआगढ़ी पहाड़ से 17 आइइडी बम बरामद, बम बनाने में 100 किलो विस्फोटकों का किया गया था इस्तेमाल
दुमका : दुमका में भाकपा माओवादियों के नापाक मंसूबे को पुलिस व एसएसबी ने एक बार फिर विफल कर दिया है. दुमका पुलिस व एसएसबी की टीम ने गोपीकांदर प्रखंड के महुआगढ़ी पहाड़ पर नक्सलियों द्वारा छिपा कर रखे गये 17 आइइडी विस्फोटक (केन बम) को बरामद किया है. इन विस्फोटकों के जखीरे को पहाड़ […]
दुमका : दुमका में भाकपा माओवादियों के नापाक मंसूबे को पुलिस व एसएसबी ने एक बार फिर विफल कर दिया है. दुमका पुलिस व एसएसबी की टीम ने गोपीकांदर प्रखंड के महुआगढ़ी पहाड़ पर नक्सलियों द्वारा छिपा कर रखे गये 17 आइइडी विस्फोटक (केन बम) को बरामद किया है. इन विस्फोटकों के जखीरे को पहाड़ के ऊपर जंगल में जमीन के अंदर छिपा कर रखा गया था. मिली सूचना पर पुलिस व एसएसबी की टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर इसे डिफ्यूज कर दिया है.
एसपी वाईएस रमेश ने बताया कि माओवादियों का इरादा आनेवाले चुनाव में इसका इस्तेमाल तक पुलिस बलों को निशाना बनाने और नुकसान पहुंचाने की थी. उन्होंने बताया कि 17 आइइडी के अलावा 200 डेटोनेटर, तकरीबन 1000 मीटर लंबा कोडेक्स तार, एक हैंड ग्रेनेड, नक्सली साहित्य, पिट्ठू व अन्य सामान बरामद हुए हैं.
पांच किलो के थे 14 व 10 किलो के थे तीन बम : एसपी वाईएस रमेश ने बताया कि नक्सलियों द्वारा छिपा कर रखा गया केन बम दो आकर के थे. पांच किलो के 14 केन बम व 10 किलो के तीन केन बम थे. नक्सलियों की योजना पुलिस व सुरक्षा बलों के चुनाव के दौरान नुकसान पहुंचाने और चुनाव को प्रभावित करने की थी.
उन्होंने बताया कि अन्य सामान बड़े स्टील के कंटेनर में भर कर रखा गया था. ग्रेनेड कहां का बना हुआ है. नक्सलियों तक कैसे पहुंचा इसकी पड़ताल चल रही है. श्री रमेश ने बताया कि सभी बमों को बम डिस्पोजल स्क्वायड ने डिफ्यूज कर दिया है. कार्रवाई में एएसपी अभियान इमानुएल बास्की, डिप्टी कमांडेंट एसएसबी नरपत सिंह और ललित साह तथा गोपीकांदर के थाना प्रभारी शामिल थे.
एसपी ने बताया कि जिस महुआगढ़ी पहाड़ के जंगल में विस्फोटकों का जखीरा बिछाया हुआ मिला है, उस इलाका में अक्सर पुलिस व एसएसबी के जवानों की गश्ती होती है. ऐसे में नक्सलियों ने नुकसान पहुंचाने के मकसद से इसे बिछा रखा था. श्री रमेश ने बताया कि 100 ग्राम ही विस्फोटक ही बहुत बड़ी क्षति पहुंचा सकती है, नक्सलियों ने 100 किलोग्राम से भी अधिक विस्फोटक इस्तेमाल कर रखा था.
2014 के लोकसभा चुनाव में उड़ा दी थी बस, आठ की गयी थी जान
2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान 24 अप्रैल 2014 को दुमका संसदीय क्षेत्र के शिकारीपाड़ा के पलासी-सरसाजोल के बीच मतदान संपन्न करा कर लौट रहे पुलिसबलों व मतदान कर्मियों से भरी बस को विस्फोट कर उड़ा दी थी. उस वक्त भी विस्फोट के लिए केन बम का इस्तेमाल किया गया था. घटना में पांच पुलिसकर्मी समेत आठ लोगों की जान चली गयी थी.