जेपीएससी में आरक्षण को लेकर सरकार दुविधा में

रांची: झारखंड सिविल सेवा-5 में आरक्षण को लेकर सरकार दुविधा में है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन चाहते हैं कि जेपीएससी-5 की परीक्षा में उन्हीं नियमों का पालन किया जाये, जिनके आधार पर जेपीएससी ने पूर्व की परीक्षाएं ली थी. इस वजह से सरकार ने 16 जून से होने वाली परीक्षा को स्थगित करने की अनुशंसा की […]

रांची: झारखंड सिविल सेवा-5 में आरक्षण को लेकर सरकार दुविधा में है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन चाहते हैं कि जेपीएससी-5 की परीक्षा में उन्हीं नियमों का पालन किया जाये, जिनके आधार पर जेपीएससी ने पूर्व की परीक्षाएं ली थी.

इस वजह से सरकार ने 16 जून से होने वाली परीक्षा को स्थगित करने की अनुशंसा की थी. मुख्यमंत्री के निर्देश से कार्मिक विभाग मुश्किल में पड़ गया है. आरक्षण से संबंधित भारत सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए पूर्व की जेपीएससी परीक्षाओं में पालन किये गये आरक्षण के प्रावधानों को इस बार मानना आसान नहीं है. भारत सरकार ने पत्र लिख कर स्पष्ट रूप से कहा है कि आरक्षण का लाभ लेकर परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थी अनारक्षित कोटि के श्रेणी में नहीं आ सकते हैं. भारत सरकार के निर्देश के बाद 20 अक्तूबर 2012 को राज्य के कार्मिक विभाग ने पत्र जारी कर सभी विभागों और अधिकारियों को आरक्षण के नियमों की जानकारी दी थी.

झारखंड लोकसेवा आयोग द्वारा जेपीएससी-5 के लिए जारी पीटी परीक्षा के परिणाम में आरक्षण का लाभ लेकर परीक्षा में शामिल हुए विद्यार्थियों को अनारक्षित कोटि में नहीं रखा गया था. आरक्षित कोटि के विद्यार्थी इसे गलत बता रहे थे. उनका कहना था कि मेरिट लिस्ट में अधिक अंक होने के बाद भी उनको आरक्षित कोटे में ही रखा गया है. जबकि इसके पूर्व मेरिट लिस्ट में आने पर उनको आरक्षित कोटे से निकाल कर अनारक्षित कोटे में रखा जाता था. इस कारण इस साल आरक्षित कोटि के विद्यार्थियों का चयन पहले की तुलना में कम हुआ है. विधायक बंधु तिर्की और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव भगत ने भी छात्रों के समर्थन में मुख्यमंत्री से बात की थी. बाद में मुख्यमंत्री ने राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बात करने के बाद जेपीएससी-5 की परीक्षा फिलहाल स्थगित करने की अनुशंसा की, जिसे मानते हुए झारखंड लोकसेवा आयोग ने परीक्षा स्थगित कर दी.

क्या होता था पूर्व की जेपीएससी परीक्षाओं में

आरक्षित कोटे के परीक्षार्थी द्वारा सामान्य कोटि के लिए निर्धारित या उससे अधिक अंक लाने पर उनको आरक्षित कोटे से निकाल दिया जाता था. ऐसे परीक्षार्थियों को मेरिट लिस्ट में सामान्य कोटि के छात्रों के साथ शामिल कर दिया जाता था.

जेपीएससी- 5 में क्या हुआ

आरक्षित कोटे के परीक्षार्थियों को सामान्य कोटि के लिए निर्धारित या उससे अधिक अंक लाने पर उनको आरक्षित कोटे में नहीं डाला गया. मेरिट लिस्ट में उनका नाम आरक्षित कोटे के परीक्षार्थियों में ही शामिल किया गया.

क्या है भारत सरकार का निर्देश

जब आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों का चयन सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों की तुलना में ऊपरी उम्र सीमा, अनुभव, शैक्षणिक योग्यता, लिखित परीक्षा में बैठने के अवसरों की संख्या में छूट या रियायत प्रदान कर की जाती है, तो वे संबंधित आरक्षित वर्ग की रिक्तियों के विरुद्ध ही नियुक्त किये जायेंगे. ऐसे अभ्यर्थियों को अनारक्षित रिक्तियों का लाभ नहीं मिलेगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >