Samrat Choudhary : शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षकों के वेतन और वित्त रहित शिक्षकों की समस्याओं को लेकर कई बड़े ऐलान किए. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था स्थापित करने जा रही है, जिससे तमाम शिक्षकों को समय पर वेतन मिल सके. उन्होंने कहा कि मदरसा और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों के लंबित वेतन का भुगतान इसी सितंबर माह में करने का काम सरकार करेगी.
समय पर वेतन भुगतान के लिए बनेगा पूरा सिस्टम
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था में ऐसा पूरा इको सिस्टम तैयार करेगी, जिससे शिक्षकों को समय पर वेतन मिल सके. उन्होंने कहा कि वेतन भुगतान में देरी की समस्या को दूर करने के लिए व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा.
मदरसा और संस्कृत शिक्षकों को सितंबर में वेतन देने का ऐलान
मुख्यमंत्री ने कहा कि मदरसा और संस्कृत विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के वेतन का भुगतान इसी सितंबर महीने में करने का काम सरकार करेगी. इससे लंबे समय से वेतन भुगतान का इंतजार कर रहे शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है.
वित्त रहित शिक्षकों के लिए नया वेतनमान बनाने की तैयारी
वित्त रहित शिक्षकों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अब नई व्यवस्था खड़ी करने पर काम करेगी. उन्होंने कहा कि इन संस्थानों के इंटरनल रिसोर्सेज और सरकार की ओर से दिए जाने वाले अनुदान को मिलाकर एक नया वेतनमान बनाने का प्रयास किया जाएगा. इसका उद्देश्य वित्त रहित शिक्षकों को आर्थिक न्याय देना है.
आर्थिक सहयोग से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तक का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त रहित शिक्षकों के लिए सरकार लगातार आर्थिक सहयोग देने का काम करती रही है. साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर के स्तर पर भी कई व्यवस्थाएं स्थापित की गई हैं. अब सरकार वेतनमान को लेकर भी स्थायी व्यवस्था बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगी.
शिक्षक दिवस पर छात्रों को दिया ज्ञान अर्जन का संदेश
मुख्यमंत्री ने शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी शिक्षकों और छात्र-छात्राओं को बधाई दी. उन्होंने कहा कि ज्ञान अर्जन जीवन को सही दिशा देने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है. मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे ज्ञान हासिल करें और बिहार के भविष्य को बदलने में अपनी भूमिका निभाएं.
उन्होंने कहा कि जीवन में एक बार ज्ञान अर्जित कर लेने के बाद व्यक्ति उससे कभी भटक नहीं सकता. मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से शिक्षा को प्राथमिकता देने और ज्ञान के माध्यम से आगे बढ़ने का आह्वान किया.