बिहार: अब हेलीकॉप्टर से पहुंच सकेंगे वाल्मीकिनगर, VTR को मिलेगा हेली टूरिज्म का नया पंख

Valmikinagar Helicopter Service: पश्चिमी चंपारण के वाल्मीकिनगर को हेली टूरिज्म से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है. राजगीर और मां मुंडेश्वरी मंदिर तक हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होगी. VTR में बढ़ते पर्यटन के बीच हवाई कनेक्टिविटी से रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा मिलेगा. पढे़ं पूरी खबर…

Valmiki Nagar Helicopter Service: पश्चिमी चंपारण का वाल्मीकिनगर अब बिहार के बड़े पर्यटन मानचित्र पर और मजबूती से उभरने जा रहा है. राज्य सरकार ने वाल्मीकिनगर को हेली टूरिज्म से जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है. इस पहल के तहत वाल्मीकिनगर को हेलीकॉप्टर सेवा के जरिए राजगीर और कैमूर स्थित मां मुंडेश्वरी मंदिर से जोड़ा जाएगा. इससे न केवल वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) तक पहुंच आसान होगी, बल्कि स्थानीय पर्यटन और रोजगार को भी नई रफ्तार मिलेगी.

पर्यटन विभाग की इस योजना से सैलानी अब सड़क और रेल मार्ग के साथ हवाई सफर का भी आनंद ले सकेंगे. खास बात यह है कि पर्यटकों को रियायती दरों पर हेलीकॉप्टर यात्रा की सुविधा मिलने की संभावना है.

जुलाई 2026 से शुरू हो सकती है हेलीकॉप्टर सेवा

प्रस्तावित योजना के अनुसार जुलाई 2026 से 15 जनवरी 2027 तक हेलीकॉप्टर सेवा संचालित की जाएगी. हेली टूरिज्म के जरिए वाल्मीकिनगर, राजगीर और मां मुंडेश्वरी मंदिर के बीच पर्यटकों की आवाजाही आसान होगी.

सूत्रों के अनुसार, हेलीकॉप्टर और विमान सेवाएं सप्ताह में दो दिन संचालित की जा सकती हैं. हालांकि इसके संचालन की आधिकारिक तिथि अभी घोषित नहीं की गई है.

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19 सीटर विमान सेवा की तैयारी

वाल्मीकिनगर हवाई अड्डे से 19 सीटों वाले छोटे विमान के संचालन की भी योजना बनाई जा रही है. इसके लिए एयरपोर्ट के विस्तार का काम तेजी से चल रहा है. वर्तमान में एयरपोर्ट के पास 45 एकड़ भूमि उपलब्ध है, जबकि अतिरिक्त सात एकड़ जमीन की पहचान भी पूरी कर ली गई है.

अधिकारियों का मानना है कि नए पर्यटन सत्र से विमान सेवा शुरू होने की संभावना है, जिससे बिहार और दूसरे राज्यों से आने वाले पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिलेगी.

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रिकॉर्ड संख्या में पहुंच रहे पर्यटक

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में लगातार बढ़ रही सुविधाओं का असर पर्यटकों की संख्या पर भी दिख रहा है. वर्तमान में वीटीआर की छह रेंजों में 56 कमरों में 124 पर्यटकों के ठहरने की सरकारी व्यवस्था उपलब्ध है.

आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021-22 में 92 हजार 264 पर्यटक पहुंचे थे. यह संख्या 2022-23 में बढ़कर 3.66 लाख हो गई. वर्ष 2024-25 में 4.80 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे, जबकि 2025-26 में 30 मई तक ही 6.20 लाख से ज्यादा पर्यटक वीटीआर का भ्रमण कर चुके हैं. इनमें 100 से अधिक विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं.

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थारू गांवों में बढ़ेगा होम स्टे और रोजगार

पर्यटन को गांवों तक पहुंचाने के लिए वीटीआर के आसपास स्थित थारू बहुल गांवों को होम स्टे योजना से जोड़ा जा रहा है. मुख्यमंत्री होम स्टे प्रोत्साहन योजना 2026 के तहत तरूअनवा, बरवा कलां, संतपुर और दरूआबारी गांवों में होम स्टे विकसित किए जाएंगे.

योजना के तहत युवाओं को होम स्टे शुरू करने के लिए अधिकतम 11 लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी. इससे स्थानीय युवाओं और महिलाओं को रोजगार मिलेगा और पर्यटकों को थारू संस्कृति, पारंपरिक भोजन और लोक जीवन को करीब से जानने का अवसर मिलेगा.

हवाई सेवा से पहुंचने में होगी सुविधा

वाल्मीकिनगर रेंजर सत्यम कुमार का कहना है कि हवाई सेवा शुरू होने से वीटीआर तक पहुंच और आसान होगी. इससे पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलेगा.

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By Aniket kumar

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