जंदाहा : खेतों में आयी हरियाली ने ला दी परिवार में खुशहाली. आज जब खेती-किसानी कार्य घाटे का सौदा माना जाता है और अक्सर किसानों की आत्महत्या की खबरें अखबारों की सुर्खिया बनती है. किसान लगातार सूखे की मार झेल रहे हैं. कड़ी चिलचिलाती धूप हो या कड़ाके की ठंड की परवाह किये बिना हार तोड़ मेहनत करने के बावजूद फसल अच्छी नहीं हो पाती है. तब एक साथ मानों किसानों पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ता है. रबी की फसल सूखे की चपेट में आकर धोखा दे गया है.
नयी तकनीक से केले की खेती कर पायी आर्थिक समृद्धि
जंदाहा : खेतों में आयी हरियाली ने ला दी परिवार में खुशहाली. आज जब खेती-किसानी कार्य घाटे का सौदा माना जाता है और अक्सर किसानों की आत्महत्या की खबरें अखबारों की सुर्खिया बनती है. किसान लगातार सूखे की मार झेल रहे हैं. कड़ी चिलचिलाती धूप हो या कड़ाके की ठंड की परवाह किये बिना हार […]

धुन के पक्के हैं किसान शंकर सिंह
प्रखंड के अरनियां गांव निवासी किसान शंकर सिंह ने एक एकड़ जमीन पर केले की खेती उन्नत वैज्ञानिक तकनिकी से करते हुए सलाना लाखों रुपये की आमदनी कर अपने परिवार में आर्थिक खुशहाली लायी है. अपनी धुन के पक्के और मन में कुछ नया करने की चाह ने इन्हें केले की खेती की ओर नया कुछ कर दिखाने की तमन्ना दी, जो इनके लिए खुशियां दीं.
कर रहे हैं मिश्रित खेती
आज से लगभग ढाई वर्ष पूर्व सरकारी अनुदान पर किसान सलाहकार अरुण कुमार की सलाह पर इन्होंने मुंबई के भुसावल के टीसू कल्चर जी 9 हरी छाल केले की मिश्रित खेती शुरू की. प्रथम साल केले के साथ बींस की खेती कर अच्छा मुनाफा कमाया तथा अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बने. इतना ही नहीं, उन्होंने इसी खेती के सहारे अपने दो लड़का एवं तीन लड़कियों को स्नातक तक की शिक्षा दिलायी तथा सभी पुत्रियों की शादी की.
प्रति एकड़ डेढ से दो लाख की होती है आमदनी
किसान शंकर सिंह बताते हैं कि एक एकड़ में केले की खेती कर सलाना डेढ़ से दो लाख रूपये की मुनाफा होता है. एक एकड़ खेती करने पर सलाना बीस हजार खर्च होते हैं. उन्होंने बताया कि 6-6 फुट की दूरी पर प्रति कट्ठा 45 केले के पौधे लगाये जाते हैं. एक एकड़ में लगभग एक हजार पौधे लगाये जाते हैं.