साइबर क्राइम की ओर बढ़े अपराधी

हाजीपुर : अपराधिक घटनाओं को लेकर फजीहत झेल रही वैशाली पुलिस के सामने एक और चुनौती खड़ी हो गयी है. यह चुनौती है साइबर क्राइम की. जिले में साइबर क्राइम तेजी से पांव पसार रहा है. अपराध का यह आधुनिक अंदाज जिले में कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है. जिले में साइबर क्राइम […]

हाजीपुर : अपराधिक घटनाओं को लेकर फजीहत झेल रही वैशाली पुलिस के सामने एक और चुनौती खड़ी हो गयी है. यह चुनौती है साइबर क्राइम की. जिले में साइबर क्राइम तेजी से पांव पसार रहा है. अपराध का यह आधुनिक अंदाज जिले में कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है. जिले में साइबर क्राइम के मुख्यत: दो रूप सामने आये हैं.

एक तो बैंकों के एटीएम से धोखाधड़ी कर रुपये निकालने और दूसरे में सोशल साइट पर अश्लील तस्वीरें डाउनलोड कर ब्लैकमेल करना. बीते दो वर्षों में हुई दो दर्जन से अधिक घटनाओं की बात छोड़ भी दें, तो नये साल में सिर्फ एक हफ्ते के भीतर साइबर क्राइम की तीन घटनाएं हो चुकी हैं. मालूम हो कि तकनीकों का विकास होने के साथ ही साइबर क्राइम भी बढ़ा है. इंटरनेट के इस युग में उत्पन्न हुई विकृतियों ने शातिर दिमाग वाले युवाओं को साइबर क्राइम की ओर उन्मुख किया है. आये दिन हो रही इस प्रकार की घटनाओं को रोक पाने में पुलिस तंत्र की नाकामी भी सामने आ रही है.

अपराधियों ने एटीएम से उड़ाये 50 हजार : बीते साल साइबर क्राइम के जरिए लाखों रुपये डकार चुकने के बाद नये साल में भी साइबर अपराधियों ने अपने कारनामों के नमूने पेश कर दिये हैं. जनवरी के पहले हफ्ते में ही दो अलग-अलग घटनाओं में 50 हजार रुपये एटीएम से उड़ा लिये गये. पहली घटना लालगंज के मैदाटोली निवासी ध्रुव नारायण प्रसाद के पुत्र राजेश कुमार के साथ हुई. दो जनवरी को राजेश के मोबाइल पर किसी ने बैंक अधिकारी बन कर फोन किया और रिन्युअल के नाम पर एटीएम कार्ड का नंबर और कोड नंबर मांग लिया. कुछ समय बाद एकाउंट से 30 हजार रुपये निकासी का मैसेज आया.
दूसरी घटना गोरौल थाना क्षेत्र की है, जब चकव्यास गांव निवासी शिक्षा विभाग के रिटायर्ड प्रधान सहायक जगदीश रजक के एटीएम नंबर से 20 हजार रुपये उड़ा लिये गये. एटीएम से रुपये उड़ाने की तीसरी घटना को अंजाम पर पहुंचने से पहले ही पुलिस ने नाकाम कर दिया, जब गुप्त सूचना पर पहुंची बेलसर थाने की पुलिस बेलसर बाजार स्थित स्टेट बैंक के एटीएम के पास से कार्ड बदलकर रुपये निकालने वाले गिरोह के तीन युवकों को पकड़ लिया.
सोशल साइट बन रहा माध्यम : साइबर क्राइम के ज्यादातर मामले सोशल साइट पर नजर आ रहे हैं. बीते वर्ष के दो उदाहरणों पर गौर करें. सदर थाना क्षेत्र के गदाई सराय में अल्पसंख्यक समुदाय की युवती का अश्लील फोटो तैयार कर उसके करीबी रिश्तेदार ने लगातार ब्लैकमेल किया. इसी तरह लालगंज थाना क्षेत्र की एक विवाहिता के साथ कुछ युवाओं ने सामूहिक दुष्कर्म किया और उसकी वीडियो क्लिप तैयार कर ली.
उस वीडियो क्लिप के आधार पर विवाहिता को लगतार ब्लैकमेल किया गया. इस तरह की घटनाओं में आये दिन तेजी आ रही है. युवतियों के साथ ऐसे कई मामले लोक लाज और सामाजिक प्रतिष्ठा के हनन के डर से सामने नहीं आ पाते. खास बात यह कि मामले उजागर होने के बाद भी आम तौर पर आरोपित बच जाते हैं. जानकारों का कहना है साइबर क्राइम की घटनाओं में साक्ष्य के अभाव में आरोपित बच निकलते हैं.
जिले से जुड़ा है देशव्यापी गिरोह का तार : साइबर क्राइम के जरिये देश के कई महानगरों में करोड़ों रुपये की चपत लगाने वाले गिरोह का मास्टर माइंड वैशाली जिले का ही रहने वाला है. जिले के बलिगांव थाने के चकजादो गांव का निवासी मो इबरार साइबर क्राइम गिरोह का मास्टर माइंड बताया गया है. बीते रविवार को बनारस कैंट थाने के पुलिस इंस्पेक्टर संजय कुमार राय द्वारा इबरार के विरुद्ध कुर्की वारंट लाये जाने पर एसपी के निर्देश पर बलिगांव, पातेपुर और तिसिऔता की पुलिस ने कुर्की की कार्रवाई की.
इबरार बनारस कैंट में सवा छह करोड़ रुपये के साइबर क्राइम का आरोपित है. कांड के अनुसंधानक इंस्पेक्टर श्री राय के अनुसार वह ऐसे गिरोह का मास्टर माइंड है, जो बनारस के अलावा दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद आदि महानगरों में साइबर क्राइम के जरिए करोड़ों रुपये उड़ाये हैं.

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