वैशाली से ही चाहते थे सेवािनव‍ृत्ति

शोकसभा में शामिल प्रखंड प्रमुख व अन्य लोग. वैशाली : वैशाली थाने में पदस्थापित सहायक अवर निरीक्षक अशोक कुमार यादव की हत्या से मर्माहत थाने की कर्मी रविवार को भी थाने पर बैठ अवर निरीक्षक मिथिलेश कुमार झा, सहायक अवर निरीक्षक तुलेश्वर गोप, थाने के मुंशी योगेंद्र कुमार सिंह, सिपाही बिंदा राय तथा चौकीदार उमेश […]

शोकसभा में शामिल प्रखंड प्रमुख व अन्य लोग.

वैशाली : वैशाली थाने में पदस्थापित सहायक अवर निरीक्षक अशोक कुमार यादव की हत्या से मर्माहत थाने की कर्मी रविवार को भी थाने पर बैठ अवर निरीक्षक मिथिलेश कुमार झा, सहायक अवर निरीक्षक तुलेश्वर गोप, थाने के मुंशी योगेंद्र कुमार सिंह, सिपाही बिंदा राय तथा चौकीदार उमेश कुमार सभी एक-दूसरे से उनकी यादों को ताजा कर रहे थे.
हमेशा शांत एवं प्रसन्नचित रहने वाले स्व यादव को थाने के कर्मी से लेकर जनप्रतिनिधि एवं आम जनता से भी काफी लगाव था. अपराधियों द्वारा उनकी इस तरह हत्या कर दिये जाने से काफी हतप्रभ हैं. लोगों को सोचने पर मजबूर होना पड़ रहा है कि आखिर स्व यादव को किससे दुश्मनी थी या किस कारण से अपराधियों ने उनकी हत्या कर दी. पुलिस प्रशासन के सामने भी यह एक यक्ष प्रश्न है.
शोकसभाओं में दी गयी श्रद्धांजलि : वैशाली थाने पर अवर निरीक्षक मिथिलेश कुमार झा के नेतृत्व में शोकसभा का आयोजन किया गया, जिसमें स्व अशोक कुमार यादव को भावभीनी श्रद्धांजलि देने के साथ लोगों ने दो मिनट का मौन रखा. इस मौके पर अवर निरीक्षक बनारस पासवान, सहायक अवर निरीक्षक सुलेश्वर गोप, मुंशी योगेंद्र कुमार सिंह, सिपाही सहित चौकीदार उमेश कुमार सिंह एवं दफादार मौजूद थे.
वहीं दूसरी ओर प्रखंड प्रमुख मालती देवी की अध्यक्षता में हुई प्रखंड मुख्यालय की शोकसभा में समाजसेवी कृष्ण कुमार, रवींद्र राय, आनंद कुमार कुश, मो कलाम, डाॅ एसके उपाध्याय, डाॅ एसपी निराला, लेखापाल जीवन कुमार, प्रकाश किरण, देवेंद्र सिंह आदि ने दो मिनट का मौन रख कर मृत एएसआइ अशोक यादव को श्रद्धांजलि दी.
क्या कहते हैं थाने के कर्मी
हमें लगभग पांच माह हो गये वैशाली थाने में आये और कभी भी हमने स्व. यादव को किसी बात को लेकर चिंतित नहीं देखा. हमेशा प्रसन्नचित रहने वाले स्व यादव आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन लगता है वे आज भी हमारे पास बैठे हैं.
मिथिलेश कुमार झा, अवर निरीक्षक
हम लोग थाने के आवास में एक ही बिल्डिंग में रहते थे. इसलिए उनसे ज्यादा अपनापन हो गया था. शांत, मितभाषी मिलनसार स्वभाव के स्व यादव अपने कर्त्तव्य को बखूबी निभाते थे. जब भी कोई घटना घटती, तो वह बेफ्रिक होकर रात के दो बजे भी घटनास्थल पर पहुंच जाते थे.
तुलेश्वर गोप, सहायक अवर निरीक्षक
मैं लगभग छह माह से वैशाली थाने में पदस्थापित हूं. स्व यादव वैशाली थाना क्षेत्र में एक मिलनसार और हर वक्त गरीबों की मदद करने वाले अधिकारी के रूप में जाने जाते थे. उनके पास किसी भी तरह का नशा का अमल नहीं था. वह धार्मिक प्रवृत्ति के थे.
योगेंद्र कुमार सिंह, थाना लेखक
क्या कहती हैं प्रखंड प्रमुख
अशोक यादव छोटे-मोटे मुकदमे को लेकर थाने पर मुकदमा करने आये लोगों को मुकदमा न करा कर उनमें सुलह कराने में विश्वास रखते थे. स्व यादव का लगाव वैशाली के लोगों से हो गया था और यही कारण था कि उन्होंने वैशाली से ही सेवानिवृत्त होने का फैसला लिया था. चूंकि पुलिस नियमावली के अनुसार नौकरी के दो वर्ष शेष रहते अपने गृह जिले में पदस्थापना करने का नियम है. पर स्व यादव इस नियमावली का लाभ न लेकर वैशाली से ही सेवानिवृत्त होना चाहते थे.
भगवान को भी उनकी अंतिम इच्छा मंजूर नहीं थी. इस प्रकार देखा जाये तो आज आम लोगों की सुरक्षा करने वाले पुलिस कर्मी स्वयं ही सुरक्षित नहीं हैं. साथ ही सत्य व अहिंसा की धरती वैशाली एक बार फिर खूनी हिंसा से शर्मसार हुई है.
मालती देवी, प्रखंड प्रमुख, वैशाली

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