बिजली के लिए टकटकी
जिले में चल रही ग्रामीण विद्युतीकरण योजना का बुरा हाल
गांवों में बिजली विस्तार का हाल नौ दिल चले ढाई कोस के समान
फीडर निर्माण की धीमी रफ्तार से योजना पर लगा ग्रहण
हाजीपुर : जिले में बिजली की स्थिति सुधरी है इसमें दो राय नहीं नियमित और बिजली आपूर्ति के लिए नाथॅ बिहार पावर डिसट्रीब्युशन कंपनी द्वारा जिला में विद्युत संरचना को विकसित करने की दिशा में कई काम हुए उपभोक्ताओं को इसका लाभ भी मिला है. इसके बावजूद जिले के सैकड़ों गांव आज भी बिजली की रोशनी से दुर है. एनबीपीडीसी के प्रयासों से शहरी क्षेत्र का अंधेरा तो मिटा लेकिन ग्रामीण इलाके की बडी आबदी अभी अंधेरे में ही है.
हालंकि विधुत कंपनी ने इस साल में सभी गांवों तक बिजली पहुंचाने का दवा किया है. इसके अलवा बिजली से संबंधित कई समस्यायें अभी बरकरार हैं. जिनके चलते उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ती है. खास कर मेंटनेंस के काम में विलंब बिजली बिल में गडबड़ी और बिल भुगतान के लिए उचित प्रबंध का अभाव जैसी समस्याएं विधुत उपभोक्ताओं के लिए सरदर्द बन जाती है.
समय सीमा समाप्त, नहीं हुआ फीडरों का निर्माण पूरा :
बिजली की किल्लत दूर करने के लिए जिले के विभिन्न इलाको में नये फीडर बनाने का काम शुरू किया गया था.शुरुआती दिनों में तो काम तेजी से आगे बढ़ा लेकिन बीच में काम ही बंद हो गया.
अब फिर से इस पर काम तो हो रहा है पर उसकी गति इतनी धीमी है इस साल के अंत तक फीडरों का निर्माण पूरा हो जाए तो गनीमन समझिए. मालूम हो कि हाजीपुर सराय पावर सब स्टेशन तक 33 केवी फीडर पर काम शुरू हुआ था. निर्माण कार्य को जून में ही पूरा करना था.अभी तक यह काम पूरा नहीं हो सका. इसी तरह हाजीपुर से महुआ 33 केवी फीडर का निर्माण कार्य भी अभी तक अधुरा हैं. क्षेत्रों में 11 केवी फीडर के दायेर को कम मिला कर 22 इलेवन केवी फीडरों के निर्माण की योजना बनायी गयी थी.
आगे चलकर इन 22 में 3 फीडरों की योजना को रद्द कर दिया गया. शेष 19 फीडरों में 13 ही चालू किये जा सके हैं. हाजीपुर के चंद्रालय और जढुआ में पावर सब स्टेशन के निर्माण का काम शुरू नहीं हो पाया है. विभाग द्वारा दी गयी जानकारी के मुताबिक इन दोनों जगहों पर पावर सब के निर्माण का काम शुरू नहीं हो पाया है.
विभाग द्वारा दी गयी जानकारी के मुताबिक इन दोनों जगहों पर पावर सब स्टेशन के लिए अभी तक जमीन उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है. उक्त कार्यों के अधर में लटके रहने के कारण जिले के सराय, भगवानपुर, पातेपुर, तिसिऔता समेत अन्य क्षेत्रों में बिजली का संकट कायम है.
उपभोक्ताओं की परेशानी कब होगी दूर : जिले में बिजली उपभोक्ताओं को सबसे अधिक परेशानी समय से मीटर रीडिंग नहीं होने, अनाप-शनाप बिल भेज देन तथा बिल भुगतान में असुविधा के चलते हो रही है. वैशाली जिले में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या दो लाख से उपर है. ग्रामीण इलाके में रुरल रेवन्यू फ्रेंचाइंजी के माध्यम से मीटर रीडिंग कराई जाती है. उपभोक्ताओं की शिकायत है
कि सही वक्त पर उनकी मीटर रीडिंग नहीं की जाती. कंपनी द्वारा एनआईसी से बिल विपत्र बनाने का काम लिया जा रहा है. लोगों का कहना है कि एनआईसी ने लगभग 75 प्रतिशत गलत बिल तैयार कर दिया. इसके कारण बिल भुगतान करने वालों की संख्या में भारी कमी आयी. बिल भुगतान करने के लिए भी उपभोक्ताओं को काफी मशक्कत करनी पड़ती है.
शहर के कौनहारा स्थित विद्युत कार्यालय के काउंटर पर होने वाली भारी भीड़ को कम करने के लिए शहर के प्रमुख स्थानों पर एनी टाइम पेमेंट मशीन लगाने की बात कही गयी थी. प्रधान डाकघर और समाहरणालय परिसर में अभी तक एटीपी मशीन नहीं लगायी जा सकी. इसके चलते लोगों को कौनहारा स्थित कार्यालय जाकर घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ता है. वहां वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए अलग से कोई काउंटर भी नहीं खोले गये हैं जिसके कारण उन्हें काफी परेशानी होती है.
राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना से गांव होंगे रोशन : विद्युत कार्यपालक अभियंता द्वारा दी गयी जानकारी के मुताबिक बिजली से वंचित गांवों में विद्युत कनेक्शन पहुंचाने के लिए काम शुरू हो चुका है. नये साल के आगाज के साथ शुरू हुए काम को निर्धारित समय पर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
एनबीपीडीसी के द्वारा राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना फेज-12 के तहत जिले के सभी गांवों का विद्युतीकरण कार्य कराया जा रहा है. कार्यपालक अभियंता ने बताया कि जनवरी महीने के अंत तक जिले के एक सौ से अधिक गांव बिजली से रोशन होंगे. फरवरी महीने के लिए कार्य योजना बनायी जा चुकी है. इस योजना के तहत बीपीएल परिवारों को मुफ्त कनेक्शन दिया जायेगा.
