हाजीपुर : राजापाकर थाना क्षेत्र के हरपुर के पास सोमवार की देर रात ट्रैक्टर के धक्के से पातेपुर में पदस्थापित ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक की मौत हो गयी. घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस पर्यवेक्षक को लेकर सदर अस्पताल पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
पर्यवेक्षक की मौत के विरोध में मंगलवार की सुबह हाजीपुर गांधी चौक पर परिजनों व साथ काम करनेवाले पर्यवेक्षकों ने जमकर हंगामा किया. आक्रोशित लोगों ने सुबह लगभग दस बजे शव को सड़क पर रखकर लगभग तीन घंटे तक गांधी चौक को जाम रखा. इस दौरान सड़क पर टायर जलाये गये तथा पातेपुर बीडीओ के विरोध में जमकर नारेबाजी की गयी. आक्रोशित लोगों का आरोप था कि पातेपुर बीडीओ अनावश्यक रूप से ग्रामीण आवास पर्यवेक्षकों को परेशान और प्रताड़ित करते हैं.
वहीं, बीडीओ पर ग्रामीण आवास कर्मी नवीकरण एवं मानदेय भुगतान के लिए दो लाख रुपये की मांग करने का भी आरोप लगा रहे थे. आक्रोशित लोग पातेपुर बीडीओ को बर्खास्त करने की मांग कर रहे थे. सदर एसडीओ ने आक्रोशितों को शांत कराने का प्रयास किया लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली. बाद में डीएम की पहल पर आक्रोशित शांत हुए. आक्रोशितों का कहना था कि बीडीओ द्वारा बार-बार प्रताड़ित किये जाने व बीते 29 दिसंबर को बीडीओ द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किये जाने से रविभूषण तनाव में था और इसी वजह से उसने आत्महत्या कर ली.
जानकारी के अनुसार, राजापाकर थाना क्षेत्र के मंसूरपुर चकसिकंदर गांव निवासी छोटे लाल राम के पुत्र रवि भूषण पातेपुर प्रखंड में ग्रामीण आवास सहायक के पद पर कार्यरत थे. सोमवार की शाम लगभग साढ़े पांच बजे वह अपनी बाइक से कार्यालय से घर के लिए निकला था.
जैसे ही वह हाजीपुर-जंदाहा एनएच 103 पर हरपुर के समीप पहुंचा कि सामने से आ रही एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उसकी बाइक में ठोकर मार दी. ट्रैक्टर के धक्के से रविभूषण वहीं जख्मी होकर गिर पड़ा. सूचना पर पहुंची पुलिस उसे लेकर सदर अस्पताल पहुंची जहां डॉक्टरों ने रविभूषण को मृत घोषित कर दिया.
