महनार : प्रखंड अंतर्गत वासुदेवपुर चंदेल पंचायत के फरिकवारा गांव में पानी का लेबल काफी नीचे चले जाने के लगभग आधा दर्जन से ऊपर बोरिंग से पानी नहीं निकलने के कारण किसान परेशान हैं. बोरिंग के साथ-साथ गांव के चापाकलों से पानी निकलना बंद होने के कगार पर पहुंचने से जल संकट उत्पन्न होने की चिंता लोगों को हो रही है. बताते हैं कि चार वर्ष पूर्व स्टेट बोरिंग भी सरकार द्वारा गाड़ा गया था, जो अब तक चालू नहीं हो पाया है़
क्षेत्र की आधा दर्जन बोरिंग फेल
महनार : प्रखंड अंतर्गत वासुदेवपुर चंदेल पंचायत के फरिकवारा गांव में पानी का लेबल काफी नीचे चले जाने के लगभग आधा दर्जन से ऊपर बोरिंग से पानी नहीं निकलने के कारण किसान परेशान हैं. बोरिंग के साथ-साथ गांव के चापाकलों से पानी निकलना बंद होने के कगार पर पहुंचने से जल संकट उत्पन्न होने की […]

स्थानीय किसान पिंकू सिंह, अरविंद कुमार सिंह, इंद्रजीत सिंह, हरिवंश सिंह, देवेंद्र सिंह आदि ने बताया कि पानी का लेबल नीचे चले जाने के कारण पंपिंग सेट से अब पानी निकलना बंद हो गया है. साथ ही चापाकल, जो 225 फुट तक गाड़ा हुआ है, उससे भी पानी आना काफी कम हो गया है़ लोगों ने बताया कि मात्र बिजली का कनेक्शन नहीं होने के कारण स्टेट बोरिंग बंद है.
यदि बिजली का कनेक्शन जोड़ दिया जाये, तो किसानों को तत्काल कुछ राहत मिल सकती है. दूसरी ओर किसान नीलगायों एवं जंगली सूअरों के आतंक से परेशान है.गेहूं, दलहन, तेलहन आदि फसलों को नीलगायें पलक झपकते ही बरबाद कर देती हैं. वासुदेवपुर, गोरिगामा, चमरहरा आदि पंचायतों के विभिन्न चौरों में हजारों की संख्या में नीलगायें मौजूद हैं. पे 20-30 के झुंड में रहती हैं, इसके कारण किसान इनके नजदीक भी नहीं जा पाते हैं.