सहदेई बुजुर्ग : कोई छुपा राज था, जिसके चलते 13 वर्षीय मासूम की जान चली. ऐसा यहां मुरौवतपुर गांव में हर लोगों की जुबान पर है. उसकी बड़ी बहन खुशबू बताती है कि सोनू रात दो बजे तक घर में टीवी देख रहा था फिर किस तरह इस घटना को अंजाम दिया गया और कौन […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
सहदेई बुजुर्ग : कोई छुपा राज था, जिसके चलते 13 वर्षीय मासूम की जान चली. ऐसा यहां मुरौवतपुर गांव में हर लोगों की जुबान पर है. उसकी बड़ी बहन खुशबू बताती है कि सोनू रात दो बजे तक घर में टीवी देख रहा था फिर किस तरह इस घटना को अंजाम दिया गया और कौन लोग हो सकते हैं इसमें शामिल, यह रहस्यों के पीछे है.
पुलिस अगर सुक्ष्म तरीके से जांच करे,तो असली कातिल को सामने लाया जा सकता है. मालूम हो कि मुरौवतपुर निवासी दिनेश पासवान का पुत्र और पास ही के उत्क्रमित मध्य विद्यालय तहसील कचहरी में पांचवी कक्षा का छात्र सोनू कुमार का शव रविवार की सुबह आंगन के पास एक गागर नीबू के पेड़ से लटकता मिला था.
उसकी बड़ी बहन खुशबू, जो महनार के बालिका उच्च विद्यालय में दसवीं कक्षा की छात्रा है. शव उसी के दुपट्टे से लटकाया गया था. सोनू की मां सुनैना देवी भी उसी स्कूल में रसोइया हैं, जहां सोनू पढ़ता था.
हैदराबाद में रिक्शा चलाते हैं पिता : सोनू के पिता दिनेश पासवान हैदराबाद में रिक्शा चलाते हैं. यहां पत्नी सुनैना अपनी दो बड़ी बेटियों और सोनू सहित तीन छोटे बेटों के साथ रहती थी. मृत सोनू तीनों भाइयों में सबसे बड़ा था और दोनों बहन उससे बड़ी हैं. जिस पर परिवार को भरोसा था वहीं असमय काल के गाल में समा गया.
आत्महत्या या हत्या लोग उठा रहे सवाल : कुछ लोग इसे आत्महत्या का मामला बता रहे हैं, वहीं कुछ लोग पूरी तरह साजिश के तहत की गयी हत्या मान रहे हैं. पुलिस अभी मौन है. पुलिस का कहना है कि तहकीकात के बाद ही कुछ कहा जा सकता है. इधर, सुनैना देवी ने अपने ही पड़ोसी उमेश पासवान और लाल बाबू पासवान के विरुद्ध गला दबा कर हत्या करने और शव को पेड़ से लटका देने की नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी है.
इधर, गांव में जितने मुंह उतनी बातें हो रही हैं. कुछ लोग इसे दूसरी नजरों से भी देख रहे है. फिलहाल पूरे परिवार और गांव में गम का माहौल बना हुुआ है. सभी इस घटना से स्तब्ध है.