हाजीपुर/बिदुपुर : बिदुपुर थाना क्षेत्र के शीतलपुर ककरहटा गांव से गत बुधवार को अपहृत छह वर्षीय आकाश का लाश गांव के हीं एक कुंआ से बरामद कर पुलिस ने मामले का पटाक्षेप कर दिया. पुलिस ने गांव के हीं एक कुंए से अपहृत का शव बरामद कर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया. इस […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
हाजीपुर/बिदुपुर : बिदुपुर थाना क्षेत्र के शीतलपुर ककरहटा गांव से गत बुधवार को अपहृत छह वर्षीय आकाश का लाश गांव के हीं एक कुंआ से बरामद कर पुलिस ने मामले का पटाक्षेप कर दिया.
पुलिस ने गांव के हीं एक कुंए से अपहृत का शव बरामद कर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया. इस मामले में अपहृत आकाश का अपना फुफेरा भाई हीं उसका कातिल निकला.
क्या है मामला : गत बुधवार को बिदुपुर थाना क्षेत्र के शीतलपुर ककरहटा गांव से एक छह वर्षीय बालक आकाश का अपहरण तब हो गया था जब वह ट्युशन पढ़ने के बाद वह दरवाजे पर खेल रहा था.
अपहरण की सूचना के बाद आसपास के ग्रामीणों में आक्रोश भड़क गया था और अपहृत को बरामद करने का पुलिस पर मनोवैज्ञानिक दबाव था. पुलिस ने शक के आधार पर अपहृत के फुफेरा भाई धीरज कुमार को गिरफ्तार किया और पूछताछ में उसने तमाम राज खोल दी.
कैसे हुआ अपहरण : आकाश का अपना फुफेरा भाई धीरज कुमार जो सारण जिले के आमी गांव का निवासी है और अपने नाना के यहां रहता है. आकाश के देखभाल की जिम्मेवारी भी उसी के जिम्मे है. वह आकाश को फुसला कर चौर में ले गया और वहां हाथ-पैर बांधकर एक कुंआ में फेंक दिया. तीन दिनों तक वह लाश कुंए में पड़ा रहा और चालाक धीरज परिवार के अन्य सदस्यों के साथ अपहरण का शोक मनाता रहा.
आकाश के पिता का भी हुआ था अपहरण : लगभग छह वर्ष पूर्व आकाश के पिता मनीष कुमार का भी अपहरण हो गया था जो आज तक लापता हैं. उनके अपहरण के बाद परिजनों का एकमात्र सहारा और वारिस आकाश था. मनीष कुमार का भी अपहरण दरवाजे पर से हीं हुआ था. तब से यह कयास लगाया जा रहा है कि उनका भी अपहरण संपत्ति की लालच में किसी ने किया हो लेकिन आज तक कोई सुराग नहीं मिल सका.
जमीन के लालच में हुई हत्या : जढुआ इलाका का आठ एकड़ कीमती जमीन पर टिकी थी मृतक के फुफेरा भाई और हत्यारे धीरज कुमार की नजर. शक के आधार पर पुलिस ने जब हत्यारे को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो वह टिक न सका और स्वीकार किया कि उसी ने उसका अपहरण कर उसकी हत्या की है. मृतक के पिता के अपहरण होने के बाद हत्यारे को लगा कि यदि पूरे संपत्ति के एक मात्र वारिस इस अबोध बालक की हत्या कर दी जाये तो वह सारे संपत्ति का मालिक हो जायेगा.
जिसे दिया आश्रय वही हो गया कातिल : कहते हैं कि आदमी अपने आश्रयदाता का कभी अहित नहीं करता लेकिन इस मामले में यह कहावत उल्टी साबित हुई है. अपहृत आकाश के दादा कोे यदि यह बात पता होता कि वे अपने जिस नाती को अपने यहां आश्रय देकर पढ़ा-लिखा कर आदमी बनाना चाह रहे हैं वही आदमी उनके आस्तीन का सांप निकलेगा और उनके खानदान के एकमात्र वारिस उनके मासूम पोते की जान का दुश्मन बन जायेगा तब शायद वह किसी भी कीमत पर उसे आश्रय नहीं देते.
बच्चे के पिता मनीष भी छह वर्ष से हैं लापता, हत्या का शक गहराया : आकाश के हत्या के बाद आम लोगों में अब इस शंका को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है कि कहीं आकाश की तरह उसके पिता का भी तो अपहरण कर हत्या नहीं कर दिया गया. आम लोगों का मानना है कि जब एक मासूम की हत्या जमीन की लालच में कर दी गयी. तब उसके पिता की हत्या भी जमीन के ही लालच में कर दिया गया होगा.
क्या कहते हैं थानाध्यक्ष
अपहरण के मामले में पूर्व से थाना कांड संख्या-497/15 दर्ज है जिसमें अब हत्या का मामला भी जुड़ जायेगा. अब तक के छानबीन से यह एक गहरा षडयंत्र का मामला है और इस मामले में कई लोगों की मिलीभगत है. पुलिस के अनुसंधान के बाद और नाम सामने आयेंगे. अनुसंधान कार्य जारी है.