लालगंज : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा लालगंज की घटना के लिए गठित जांच टीम के सदस्यों ने लालगंज आकर घटना की जांच की. शनिवार को दिन के एक बजे के करीब जेल आइजी प्रेम सिंह मीना, आइजी मुख्यालय सुनील कुमार, जिलाधिकारी रचना पाटील, एसडीओ रवींद्र कुमार एवं एसपी राकेश कुमार के साथ लालगंज पहुंचे. जांच […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
लालगंज : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा लालगंज की घटना के लिए गठित जांच टीम के सदस्यों ने लालगंज आकर घटना की जांच की. शनिवार को दिन के एक बजे के करीब जेल आइजी प्रेम सिंह मीना, आइजी मुख्यालय सुनील कुमार, जिलाधिकारी रचना पाटील, एसडीओ रवींद्र कुमार एवं एसपी राकेश कुमार के साथ लालगंज पहुंचे.
जांच टीम पहले लालगंज थाना पहुंची, जहां थानाध्यक्ष एवं अन्य पुलिस अधिकारियों व आरक्षियों से पूछताछ की गयी. फिर घटनास्थल जाकर जले हुए घरों का मुआयना किया एवं प्रभावित परिवार के लोगों के बयान लिया. उसके बाद एक्सीडेंट में मारे गये दादा-पोती के घर जाकर उसके परिजनों से बात की.
घटना में लोगों के आक्रोश के कोप भाजन बने बेलसर ओपी थानाध्यक्ष अजीत कुमार को अपने घर में पनाह देनेवाले विजय साह से एवं उनके परिजनों से जानकारी ली. इस दौरान विजय ने अपनी आपबीती रखते हुए खुद को पुलिस द्वारा आरोपित कर देने की बात कही तथा अपना बेरा पार लगाने का गुहार लगायी.
इसके बाद जांच टीम ने पुलिस की गोली से मारे गये अताउल्लाहपुर निवासी राकेश कुमार के घर जाकर उसके परिजनों से बात की. इस दौरान घर वालों एवं लोगों ने राकेश की मृत्यु के लिए पुलिस को जिम्मेवार ठहराया.
कई बिंदुओं पर हो रही जांच : जेल आइजी : जांच टीम के अध्यक्ष प्रेम सिंह मीना एवं सदस्य आइजी मुख्यालय सुनील कुमार ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि हम दो बिंदुओं पर जांच कर रहे हैं.
एक घटना कैसे घटी. दूसरा भविष्य में ऐसी घटना नहीं घटे उसके क्या उपाय हैं. श्री मीना ने घटना में निर्दोषों काे फंसाये जाने के सवाल पर कहा कि हमारी जांच का प्रथम दिन है. अभी हम इस विषय पर साफ-साफ नहीं कह सकते, परंतु इतना कहेंगे कि निर्दोषों को आरोपमुक्त किया जायेगा. इसके लिए ऐसे लोगों के परिजन आवेदन दे सकते हैं.
उन्होंने कहा कि दोषी बक्से नहीं जायेंगे. उन्होंने आगे की जांच की कोई तिथि तो निर्धारित नहीं की, परंतु कहा कि कई टर्मों में जांच की जायेगी एवं उसकी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी जायेगी.