महुआ को मिला तीन मंत्रियों का तोहफा

हाजीपुर : बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण समारोह पर पूरे राज्य की नजर टिकी थी और हर क्षेत्र के मतदाताओं की इच्छा थी कि उनके प्रतिनिधि मंत्रिपरिषद में शामिल हों. मंत्रिमंडल के गठन के बाद जहां कुछ क्षेत्रों को मायूसी हाथ लगी, वहीं कुछ के प्रतिनिधि शामिल किये गये […]

हाजीपुर : बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण समारोह पर पूरे राज्य की नजर टिकी थी और हर क्षेत्र के मतदाताओं की इच्छा थी कि उनके प्रतिनिधि मंत्रिपरिषद में शामिल हों.

मंत्रिमंडल के गठन के बाद जहां कुछ क्षेत्रों को मायूसी हाथ लगी, वहीं कुछ के प्रतिनिधि शामिल किये गये और उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है. ऐसे में सबसे ज्यादा खुशी वैशाली जिले के महुआ क्षेत्र के लोगों को हुई. 35 सदस्यीय मंत्रिमंडल में महुआ विधानसभा क्षेत्र के तीन लोग शामिल किये गये हैं, जिससे क्षेत्र के लोगों में हर्ष है.

आलोक मेहता
नीतीश मंत्रिमंडल के युवा चेहरा और युवा राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक मेहता राजद कोटे से शामिल किये गये हैं. श्री मेहता पूर्व मंत्री तुलसीदास मेहता के पुत्र हैं और वे महुआ प्रखंड के मिर्जानगर गांव के निवासी हैं.
इस चुनाव में उजियारपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गये. श्री मेहता इसके पूर्व वर्ष 2004 में समस्तीपुर लोकसभा क्षेत्र से राजद की ओर से सांसद चुने गये थे. श्री मेहता भले ही समस्तीपुर जिले के उजियारपुर विधानसभा क्षेत्र से विजयी हुए हो, लेकिन वैशाली के कुशवाहा समाज पर उनके पिता एवं उनका विशेष प्रभाव रहा है.
उनके प्रभाव का असर इस चुनाव में दिखा भी, जब रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के गृह क्षेत्र महनार विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं ने राजग प्रत्याशी को पराजित कर राजद के उमेश सिंह कुशवाहा को विजयी बनाया. न केवल महनार बल्कि पूरे जिले में कुशवाहा समाज ने महागंठबंधन के पक्ष में खुल कर मतदान किया, तो इसमें श्री मेहता को एक कारण माना गया और इसके इनाम के रूप में उन्हें मंत्रिपरिषद में स्थान दिया गया.
शिव चंद्र राम
महुआ क्षेत्र से जो दूसरा नाम नीतीश मंत्रिमंडल में है, वह है युवा राजद के प्रदेश अध्यक्ष और राजापाकर सुरक्षित विधान सभा क्षेत्र के विधायक शिव चंद्र राम. महुआ के महुआ मुकुंद गांव निवासी श्री राम वर्ष 2005 के चुनाव में महुआ सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र से राजद प्रत्याशी के रूप में विजयी होकर पहली बार विधानसभा पहुंचे थे. नये परिसीमन में क्षेत्र के सामान्य हो जाने के बाद वर्ष 2010 के चुनाव में पार्टी ने उन्हें बेटिकट कर पार्टी के संगठनात्मक कार्य में लगा दिया था.
श्री राम ने पार्टी द्वारा सौंपे गये कार्यों को तल्लीनता से किया और उसका इनाम पार्टी नेतृत्व ने उन्हें इस चुनाव में दिया. जदयू की जीती हुई सीट अपने लिए मांग कर राजद ने उन्हें राजापाकर से उम्मीदवार ही नहीं बनाया, मंत्रिमंडल में भी स्थान दिया.
तेज प्रताप यादव
महुआ विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं ने जिस उद्देश्य से तेज प्रताप यादव को विजयी बनाया, वह पूरा हो गया. महुआ में कई नेताओं ने बाहरी एवं स्थानीय के मुद्दे को गरमाना चाहा, लेकिन मतदाताओं ने क्षेत्र के विकास के लिए राजद के तेज प्रताप यादव को अपना प्रतिनिधि चुना,
क्योंकि उन्हें विश्वास था कि उन्हें महागंठबंधन मंत्रिमंडल में स्थान अवश्य मिलेगा और विकास की गति तेज होगी. शुक्रवार को अपेक्षा के अनुरूप उन्हें मंत्रिमंडल में स्थान मिला और क्षेत्र के लोगों में हर्ष कायम हो गया.
महुआ विधानसभा क्षेत्र के विधायक और लालू प्रसाद-राबड़ी देवी के ज्येष्ठ पुत्र तेज प्रताप यादव को मंत्रिमंडल में जगह मिलना पूर्व से तय था. महुआ के मतदाताओं में इस बात को लेकर व्यापक खुशी है कि उनलोगों ने केवल एक विधायक चुना और तीन मंत्रियों का तोहफा मिला.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >