सुपौल से आशीष कुमार की रिपोर्ट.
World Bicycle Day : विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर सुपौल जिले में खेल, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक प्रेरक साइकिल रैली का आयोजन किया गया. क्रीड़ा भारती उत्तर बिहार प्रांत की सुपौल जिला इकाई के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में 55 छात्र-छात्राओं और खिलाड़ियों ने भाग लेकर फिट इंडिया, समर्थ भारत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया. रैली का नेतृत्व राघोपुर प्रांत क्रीड़ा केन्द्र के प्रमुख मुकुल दास ने किया.
झंडा दिखाकर रवाना हुई जागरूकता रैली
राघोपुर स्थित क्रीड़ा केन्द्र परिसर से साइकिल रैली की शुरुआत हुई. क्रीड़ा केन्द्र के व्यवस्थापक बालमुकुंद अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर प्रतिभागियों को रवाना किया. साइकिल सवारों का जत्था राष्ट्रीय राजमार्ग होते हुए जैन मंदिर तक पहुंचा और वहां से वापस क्रीड़ा केन्द्र लौटा. पूरे मार्ग में प्रतिभागियों ने लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया.
फिट इंडिया के साथ पर्यावरण बचाने का संदेश
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि साइकिल केवल एक परिवहन साधन नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन और स्वच्छ पर्यावरण की दिशा में एक प्रभावी माध्यम है. खेल मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण, भारतीय साइकिलिंग एसोसिएशन और क्रीड़ा भारती के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस अभियान को व्यापक समर्थन मिला.
मुकुल दास ने बताया कि प्रांत अध्यक्ष चन्द्रशेखर अधिकारी, प्रांत मंत्री अमित ठाकुर तथा जिला अध्यक्ष राजेश मोहनका के मार्गदर्शन में कम समय में कार्यक्रम की सफल तैयारी की गई. प्रतिभागियों ने मंत्रालय द्वारा जारी पोर्टल पर पंजीकरण कर अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की.
साइकिलिंग के साथ पौधरोपण भी बना आकर्षण
रैली के समापन के बाद क्रीड़ा केन्द्र और जैन मंदिर परिसर में पौधरोपण किया गया. प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक पेड़ लगाने और लोगों को जागरूक करने का संदेश दिया. आयोजकों का मानना है कि खेल और प्रकृति के बीच संतुलन बनाकर ही स्वस्थ समाज का निर्माण किया जा सकता है.
सामूहिक प्रयास से सफल हुआ आयोजन
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रांत क्रीड़ा केन्द्र प्रमुख रामावतार मेहता, विभाग संयोजक डॉ. संजय सिंह, जिला मंत्री संतोष कुमार सुमन, राजू झा, दीपक गुप्ता, रत्नेश शर्मा और अन्य पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही. समापन पर सभी प्रतिभागियों के लिए अल्पाहार की व्यवस्था भी की गई.
