Triveniganj Illegal Nursing Home: त्रिवेणीगंज (सुपौल). जिलाधिकारी के निर्देश पर अवैध निजी नर्सिंग होम और क्लीनिकों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत शनिवार को त्रिवेणीगंज बाजार स्थित सीएन हॉस्पिटल में छापेमारी की गई. अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ. उमेश कुमार के नेतृत्व में बीडीओ परमानंद कुमार, हेल्थ मैनेजर एस. अदीब अहमद और स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई की गई. जांच के दौरान कई गंभीर खामियां मिलने के बाद अस्पताल को सील कर दिया गया.
छापेमारी के दौरान डॉक्टर और स्टाफ मिले गायब
स्वास्थ्य विभाग की टीम जब सीएन हॉस्पिटल पहुंची तो वहां कोई डॉक्टर या अस्पताल कर्मी मौजूद नहीं था. टीम के पहुंचने की भनक लगते ही संचालक समेत अन्य स्टाफ के मौके से फरार होने की बात सामने आई. इसके कारण अस्पताल से संबंधित दस्तावेज, डॉक्टरों की वैध योग्यता और अन्य जरूरी रिकॉर्ड भी टीम को मौके पर नहीं मिले.
चार महिला मरीजों को सरकारी अस्पताल में कराया गया भर्ती
जांच के दौरान निजी अस्पताल में चार महिला मरीज भर्ती मिलीं. मरीजों की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एंबुलेंस की व्यवस्था कर सभी को अनुमंडलीय अस्पताल त्रिवेणीगंज में शिफ्ट कराया. अब इन मरीजों का इलाज सरकारी चिकित्सकों की निगरानी में किया जा रहा है.
यूट्रस और अपेंडिक्स के ऑपरेशन के बाद भर्ती थीं महिलाएं
जानकारी के अनुसार अररिया जिले के रानीगंज थाना क्षेत्र के जगता वार्ड संख्या-2 निवासी जितेंद्र सरदार की पत्नी मंजू देवी, छातापुर थाना क्षेत्र के चरने वार्ड संख्या-8 निवासी नीरज सरदार की पत्नी फुलो देवी और जदिया थाना क्षेत्र के फुलकाहा निवासी मोहम्मद ताहिर की पत्नी शबनम खातून का करीब पांच दिन पहले यूट्रस और अपेंडिक्स का ऑपरेशन हुआ था.
वहीं त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र के पुरनदाहा वार्ड संख्या-15 निवासी सूरज कुमार की पत्नी खुशबू कुमारी का ऑपरेशन के बाद प्रसव कराया गया था. वह अपनी नवजात बच्ची के साथ अस्पताल में भर्ती मिली.
परिजनों ने लगाए बहला-फुसलाकर भर्ती कराने के आरोप
मरीजों के परिजनों ने अस्पताल संचालक नंदन सरदार पर बहला-फुसलाकर मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने का आरोप लगाया है. परिजनों के अनुसार ऑपरेशन और इलाज के नाम पर उनसे पहले ही 30-30 हजार रुपये से अधिक की राशि ली गयी थी. इन आरोपों की प्रशासनिक जांच की जा रही है.
साक्ष्य जुटाकर अस्पताल को किया गया सील
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी के दौरान अस्पताल से संबंधित कई साक्ष्य एकत्र किए. अधिकारियों ने अस्पताल के संचालन, मरीजों के ऑपरेशन और इलाज से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है. जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
अवैध क्लीनिकों में मचा हड़कंप
सीएन हॉस्पिटल में छापेमारी की जानकारी फैलते ही शहर में संचालित कई अल्ट्रासाउंड केंद्र, जांच घर और कथित रूप से अवैध तरीके से चल रही दवा दुकानों के संचालक दुकान बंद कर मौके से चले गए. स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि अवैध नर्सिंग होम, निजी क्लीनिक और अस्पतालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा.
अधीक्षक ने कहा- कार्रवाई तक जारी रहेगा अभियान
Triveniganj Illegal Nursing Home: अनुमंडलीय अस्पताल के अधीक्षक डॉ. उमेश कुमार ने बताया कि सीएन हॉस्पिटल में कार्रवाई के दौरान चार महिला मरीज भर्ती मिलीं, जिनमें कुछ का पांच दिन पहले ऑपरेशन हुआ था. सभी मरीजों को अनुमंडलीय अस्पताल में सुरक्षित शिफ्ट कराया गया है. उन्होंने कहा कि अवैध नर्सिंग होम और निजी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई पूरी होने तक अभियान जारी रहेगा.
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