सुपौल जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने तथा कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है. सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, थाना अध्यक्ष एवं संबंधित अधिकारी लगातार गैस सिलेंडरों के उठाव और वितरण की निगरानी कर रहे हैं. प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों के प्रतिवेदन के अनुसार जिले की कुल 51 गैस एजेंसियों में से 48 एजेंसियों पर फिलहाल गैस सिलेंडर उपलब्ध है. जबकि शेष 03 एजेंसियों पर भी शीघ्र आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है. तेल कंपनियों द्वारा अस्पतालों एवं अन्य सरकारी संस्थानों को वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति भी शुरू कर दी गई है. जिला प्रशासन के अनुसार वर्तमान में गैस एजेंसियों के पास लगभग 13,823 सिलेंडरों का स्टॉक उपलब्ध है. बीते 29 मार्च को करीब 4,706 उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति की गई. जबकि अभी 15,812 उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुसार गैस उपलब्ध कराई जानी है. प्रशासन का दावा है कि उपलब्ध स्टॉक और नियमित आपूर्ति के आधार पर जिले में किसी प्रकार के संकट की संभावना नहीं है. निगरानी के क्रम में आज तक 51 में से 38 एलपीजी एजेंसियों की जांच की जा चुकी है. वहीं 79 होटलों एवं अन्य प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई है. समाहरणालय परिसर स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय में एक जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष संख्या 06473-224005 है. 30 मार्च को नियंत्रण कक्ष में कुल 09 शिकायत, सूचना कॉल प्राप्त हुए, जिनका त्वरित निष्पादन कर दिया गया है. प्रशासन द्वारा अनियमितता के मामलों में कड़ी कार्रवाई भी की जा रही है. बंसतपुर प्रखंड में घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग के आरोप में राजरानी होटल के संचालक के विरुद्ध वीरपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है.
अस्पताल सहित सरकारी संस्थानों को वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति शुरू
तेल कंपनियों द्वारा अस्पतालों एवं अन्य सरकारी संस्थानों को वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति भी शुरू कर दी गई है
