सुपौल में बदला मौसम का मिजाज, बारिश ने दिलायी गर्मी से राहत

Supaul Weather Update: कई दिनों की चिलचिलाती गर्मी और उमस के बाद आखिरकार प्रतापगंज में मौसम ने राहत की दस्तक दी. शनिवार सुबह बादलों से घिरे आसमान और हल्की बारिश ने लोगों के चेहरे खिला दिए. सिर्फ आम लोगों को ही नहीं, किसानों को भी इस बारिश से बड़ी राहत मिली है.

सरोज कुमार महतो की रिपोर्ट.

Supaul Weather Update: सुपौल जिले के प्रतापगंज प्रखंड में शनिवार की सुबह मौसम ने अचानक करवट ली. घने बादलों ने आसमान को ढक लिया और हल्की बारिश शुरू हो गई. रुक-रुक कर हुई बारिश ने पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से लोगों को राहत दिलाई. तापमान में गिरावट दर्ज होने के साथ वातावरण में ठंडक घुल गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया.

हिट वेब से बेहाल थे लोग

पिछले कई दिनों से क्षेत्र में तेज धूप और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी. दिन के समय घरों से निकलना मुश्किल हो गया था और पंखे भी राहत देने में नाकाम साबित हो रहे थे. बिजली उपलब्ध रहने के बावजूद घरों के भीतर गर्म हवा का एहसास हो रहा था.

बुजुर्गों, बच्चों और खेतों में काम करने वाले किसानों को सबसे अधिक कठिनाई झेलनी पड़ रही थी. लोगों को बारिश का लंबे समय से इंतजार था.

बादलों ने दिलायी राहत

शनिवार सुबह जैसे ही बादल छाए और फुहारें शुरू हुईं, लोगों के चेहरों पर राहत साफ दिखाई देने लगी. बारिश के कारण तापमान में कमी आई और वातावरण में ताजगी लौट आई.

स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय बाद सुबह का मौसम इतना सुहावना महसूस हुआ. बाजार और चौक-चौराहों पर भी लोगों के बीच बारिश की चर्चा होती रही.

किसानों के लिए बनी राहत की सौगात

बारिश का सबसे बड़ा फायदा किसानों को मिला है. खेतों में नमी बढ़ने से फसलों को राहत मिली है और सिंचाई की आवश्यकता कुछ दिनों तक कम हो जाएगी. किसानों का कहना है कि मौजूदा स्थिति में अगले एक सप्ताह तक सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे समय और लागत दोनों की बचत होगी.

खेती-किसानी से जुड़े लोगों ने इस बारिश को मौसमी राहत के साथ आर्थिक राहत भी बताया है.

आगे भी राहत की उम्मीद

स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि यदि आने वाले दिनों में मौसम इसी तरह अनुकूल बना रहा तो गर्मी से और अधिक राहत मिलेगी. साथ ही कृषि कार्यों को भी गति मिलेगी.

फिलहाल सुपौल में बारिश ने न सिर्फ मौसम को खुशनुमा बनाया है, बल्कि लोगों के मन में राहत और उम्मीद दोनों जगा दी हैं.

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लेखक के बारे में

By Pratyush prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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