छातापुर. प्रखंड क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा की लगातार मार से किसान बदहवास हो रहे हैं. बीते 20 मार्च को आये आंधी तूफान के बाद शुक्रवार की देर रात भी ओलावृष्टि के साथ मूसलाधार बारिश हुई है, जिसके कारण मक्का एवं गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है. गेहूं की फसल कटाई के बाद खेत में पड़ा था. किसान अगली सुबह तैयार करने की सोच रहे थे. परंतु देर रात हुई भारी बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने फिर से किसानों की उम्मीद पर पानी फेर दिया. शनिवार की सुबह खेत पहुंचे किसान खेत में भींगे पड़े फसल को देख मायूस हो गए. एक के बाद एक प्राकृतिक आपदा की मार से दुखी किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीर खींच गई है. किसान अमरेंद्र साह, विमल साह, चंदन कुमार यादव, संजय कुमार आदि ने बताया कि 20 मार्च की रात आयी आंधी तूफान से फसल पर प्रतिकुल असर पड़ा था. प्रभावित फसल को किसी तरह तैयार करने में जुटे हुए थे. शुक्रवार को गेहूं फसल की कटाई के बाद खेत में गिरे फसल को शनिवार को तैयार करना था. परंतु ओलावृष्टि और बारिश से फसल भींगकर तहस नहस हो गया. फसल की बर्बादी के बाद आर्थिक से लेकर जीवन यापन की समस्या से जुझना पडेगा. बताया कि पहली आपदा के बाद भी कृषि विभाग के द्वारा फसल क्षति का आकलन नहीं किया गया. वहीं शुक्रवार की देररात हुई ओलावृष्टि और भीषण बारिश के बाद शनिवार को भी विभागीय कर्मी नुकसान का जायजा लेने नहीं पहुंचे हैं.
आंधी- तूफान व ओलावृष्टि ने तोड़ी किसान की कमर
मक्का एवं गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है
