सुपौल से राजीव झा की रिपोर्ट
सुपौल और दरभंगा के बीच बेहतर सड़क संपर्क की वर्षों पुरानी मांग अब साकार होने की दिशा में बढ़ती दिख रही है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने सुपौल के बेरिया मंच से मरौना, मधुबनी जिले के मधेपुर होते हुए दरभंगा तक प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है.
उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि मंत्रालय की ओर से सात जुलाई 2026 को जारी पत्र के माध्यम से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को इस परियोजना पर शीघ्र कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. परिवहन भवन, नई दिल्ली से जारी पत्र संख्या एनएच 14012/10/2026 पी एंड एम में भारत सरकार के अवर सचिव जया प्रकाश ने एनएचएआई के अध्यक्ष को संबोधित करते हुए कहा है कि सक्षम प्राधिकारी ने प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के लिए डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया प्रारंभ करने की मंजूरी दे दी है.
मंत्रालय ने एनएचएआई को सड़क की व्यवहार्यता (फिजिबिलिटी) रिपोर्ट भी जल्द तैयार कर उपलब्ध कराने को कहा है, ताकि परियोजना पर आगे की प्रशासनिक एवं वित्तीय कार्रवाई की जा सके.
कई इलाकों को मिलेगा बेहतर सड़क संपर्क
परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद सुपौल, मधेपुर और दरभंगा के बीच आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुगम और तेज हो जाएगा. इससे उत्तर बिहार के कई इलाकों को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा. व्यापार, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है. सीमांचल और मिथिलांचल के बीच संपर्क मजबूत होने से क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा.
विस चुनाव के दौरान उप मुख्यमंत्री ने की थी मांग
इस परियोजना का राजनीतिक महत्व भी माना जा रहा है. विधानसभा चुनाव के दौरान सुपौल के गांधी मैदान में आयोजित जनसभा में उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से इस सड़क के निर्माण की मांग उठाई थी. उस समय केंद्रीय मंत्री ने चुनाव के बाद योजना को आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया था. अब मंत्रालय की ओर से डीपीआर तैयार करने के निर्देश जारी होने के बाद इसे उस घोषणा की दिशा में पहला बड़ा प्रशासनिक कदम माना जा रहा है.
हालांकि फिलहाल परियोजना डीपीआर और व्यवहार्यता अध्ययन के चरण में है. रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही सड़क की अंतिम रूपरेखा, लंबाई, संभावित लागत, भूमि अधिग्रहण, निर्माण एजेंसी और निर्माण की समयसीमा तय की जाएगी. इसके बाद केंद्र सरकार परियोजना को अंतिम स्वीकृति देकर बजट आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी.
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने मंत्रालय के इस निर्णय का स्वागत किया है. उनका कहना है कि डीपीआर का कार्य शीघ्र पूरा होने के बाद सुपौल से दरभंगा तक राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण का सपना साकार होगा. योजना को अंतिम मंजूरी मिलने पर यह सड़क उत्तर बिहार के विकास में मील का पत्थर साबित होगी और लाखों लोगों को बेहतर एवं सुरक्षित यातायात सुविधा उपलब्ध कराएगी.
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