प्रतिभाओं का भव्य सम्मान, नप की पहल बनी शहर के गौरव व प्रेरणा का प्रतीक

कार्यक्रम के दौरान तालियों की गूंज और गर्व की अनुभूति से पूरा सभागार भावविभोर नजर आया

सुपौल. सुंदर और स्वच्छ शहर बनाने के संकल्प के साथ नगर परिषद ने गुरुवार को एक ऐसी प्रेरणादायी पहल की, जिसने पूरे शहर को गर्व और सम्मान की भावना से भर दिया. नगर परिषद के मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा ‘राघव’ के नेतृत्व में नगर भवन में आयोजित सम्मान समारोह सह युवा नशा मुक्ति उन्मुखी कार्यक्रम में सुपौल की धरती के तीन महान सपूतों को सम्मानित किया गया. जिन्होंने अपने कार्यों और उपलब्धियों से देश-दुनिया में जिले का नाम रोशन किया है. समारोह में विश्व प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ विभाष चन्द्र मिश्रा, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के डीआईजी शिव कुमार मोहनका व साहित्य अकादमी से सम्मानित प्रख्यात साहित्यकार डॉ महेंद्र को नगर परिषद की ओर से अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह एवं पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम के दौरान तालियों की गूंज और गर्व की अनुभूति से पूरा सभागार भावविभोर नजर आया. मंच से जब इन विभूतियों की उपलब्धियों का उल्लेख किया गया तो उपस्थित लोगों की आंखों में सम्मान और आत्मीयता साफ झलक रही थी. इस गरिमामयी अवसर पर जदयू जिलाध्यक्ष राजेंद्र यादव, भाजपा के जिलाध्यक्ष नरेंद्र कुमार ऋषि, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष नागेंद्र नारायण ठाकुर, डॉ कन्हैया सिंह, डॉ विजय शंकर चौधरी, मिन्नत रहमानी, युगल किशोर अग्रवाल, अधिवक्ता अरविंद कुमार दास, समाजसेवी जमालउद्दीन, विश्वासचंद्र मिश्र धमेंद्र सिंह, सुरेंद्र नारायण पाठक, गोविंद प्रसाद अग्रवाल, विजय पासवान, रंधीर ठाकुर, मनीष कुमार सिंह, गगन ठाकुर, सुनील कुमार सिंह, श्याम पौद्दार, अमित झा, सरिता मिश्रा, रूबी जायसवाल, शरद मोहनका मुख्य रूप से मौजूद रहे. कार्यक्रम मंच संचालन मणिभूषण सिंह ने किया. अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी शहर की वास्तविक पहचान वहां की प्रतिभाओं और संस्कारों से होती है. सुपौल ने हमेशा प्रतिभाओं को जन्म दिया है. उन्हें सम्मानित कर नगर परिषद ने समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य किया है. नागेंद्र नारायण ठाकुर ने कहा कि जब किसी शहर में अपने लोगों की उपलब्धियों को सम्मान मिलता है, तब नई पीढ़ी प्रेरित होती है और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. उन्होंने नगर परिषद की इस पहल को अनुकरणीय बताया. राजेंद्र यादव ने कहा कि स्वच्छता केवल सड़कों और भवनों तक सीमित नहीं होती, बल्कि विचारों और सामाजिक संस्कारों की स्वच्छता भी उतनी ही आवश्यक है. प्रतिभाओं का सम्मान समाज को मजबूत बनाता है. युवाओं के भीतर अपने शहर के प्रति गर्व की भावना पैदा करता है. वहीं मिन्नत रहमानी ने कहा कि सुपौल तेजी से विकास और सामाजिक जागरूकता की दिशा में आगे बढ़ रहा है. ऐसे आयोजन समाज में एकता, प्रेरणा और सकारात्मक सोच को मजबूत करते हैं. मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा ‘राघव’ ने कहा कि नगर परिषद का उद्देश्य केवल शहर का भौतिक विकास नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना को भी नई ऊंचाई देना है. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में सुपौल की प्रतिभाओं को सम्मानित करने की यह परंपरा लगातार जारी रहेगी, ताकि युवाओं को प्रेरणा और आगे बढ़ने की ऊर्जा मिल सके. नगर भवन में आयोजित यह समारोह देर तक शहर में चर्चा का विषय बना रहा. शहरवासियों ने नगर परिषद की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अपने शहर की महान विभूतियों को सम्मान देना वास्तव में सुपौल के लिए गौरव का क्षण है. यह आयोजन एक संदेश देकर गया कि कोई भी शहर केवल इमारतों से नहीं, बल्कि अपने लोगों की उपलब्धियों, संस्कारों और सम्मान की संस्कृति से महान बनता है.

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