सुपौल : नेपाल के तराई क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब सुपौल जिले के पूर्वी कोसी तटबंध के भीतर बसे गांवों में दिखने लगा है. ढोली पंचायत के सियानी गांव में बाढ़ का पानी घरों और आंगन तक पहुंच गया है, जिससे ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है.
कोसी नदी के जलस्तर में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण तटबंध के भीतर रहने वाले लोगों को हर वर्ष बाढ़ का सामना करना पड़ता है. इस बार भी ढोली और सियानी गांव में पानी फैलने से जनजीवन प्रभावित होने लगा है.
जानकारी के अनुसार पूर्वी कोसी तटबंध के भीतर स्थित पांच पंचायतें हर साल बाढ़ से प्रभावित होती हैं. इनमें बनैनिया और ढोली पंचायत पूरी तरह, जबकि लौकहा, भपटियाही और सरायगढ़ पंचायत आंशिक रूप से बाढ़ की चपेट में आती हैं.
ढोली पंचायत के पूर्व मुखिया सुरेश प्रसाद सिंह ने बताया कि सियानी और ढोली गांव में घरों के आंगन तक पानी पहुंचने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो गई है. सरकारी नाव की व्यवस्था नहीं होने के कारण आवागमन में भारी कठिनाई हो रही है. उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल नाव उपलब्ध कराने की मांग की है.
वहीं, राजस्व अधिकारी राकेश रंजन ने बताया कि फिलहाल कोसी नदी का जलस्तर घट रहा है और स्थिति नियंत्रण में है. उन्होंने कहा कि ढोली और सियानी गांव में गोताखोरों को भेजकर बाढ़ की स्थिति का आकलन कराया जा रहा है. प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है.
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