बच्चों के विवाद में जख्मी अधेड़ की उपचार के क्रम में मौत

09 सितंबर 2019 को मारपीट में जख्मी हुए थे अधेड़

बच्चों के विवाद में जख्मी अधेड़ की उपचार के क्रम में मौत, परिजनों में मचा कोहराम – 09 सितंबर 2019 को मारपीट में जख्मी हुए थे अधेड़ – सोमवार को तोड़ा दम छातापुर. थाना क्षेत्र के इंदरपुर निवासी व मारपीट में जख्मी अधेड़ व्यक्ति की सोमवार की शाम मौत हो गई. मृतक 55 वर्षीय मो सुवेर 09 सितंबर 2019 को हुई मारपीट की घटना में गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे. सिर में गंभीर चोट के कारण पटना से उनका इलाज चल रहा था. लगातार उपचाराधीन रहकर वे अपने घर बेड पर ही रहते थे. सात पुत्री व तीन पुत्रों के पिता की हुई मौत के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है. जानकारी के बाद मंगलवार को मृतक के घर आस-पड़ोस व रिश्तेदारों की भारी भीड़ जमा थी. परिजनों को ढांढस बंधाया जा रहा था. मृतक के तीन पुत्रों में एक सउदी अरब में थे. जो कि जानकारी के बाद हवाई यात्रा कर शाम तक घर पहुंचने वाले हैं. रोती बिलखती बेटियां पिता की मौत के बाद मारपीट के अभियुक्तों को उचित सजा देकर न्याय दिलाने की मांग कर रही थी. परिजनों के अनुसार मेहनत मजदूरी के बल पूरे परिवार का भरण पोषण होता है. सात में दो बेटी की शादी हुई है. एक बेटी के शादी की तैयारी चल रही थी. मृतक के पुत्र मो शाहनवाज ने बताया कि बीते 09 सितंबर 2019 को बच्चों के बीच हुई लड़ाई से उपजे विवाद में गांव के ही लोगों ने धारदार हथियार से प्रहार कर उनके पिता मो सुवेर व भाई मो नौलेज को गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था. मामले में मां वकिदा खातून के आवेदन पर 10 लोगों के विरुद्ध थाना कांड संख्या 254/19 दर्ज किया गया था. जिसमें हत्या का प्रयास सहित कई गंभीर धारायें लगी हुई है. पुलिस ने नामजद 10 में तीन अभियुक्त मो मोफिल, मो हासिम व मो दिलशाद को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. तीन माह बाद तीनों जमानत पर बाहर है. दो अभियुक्त मो नौशाद व मो समशाद ने पुलिस के दबिश के बाद न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था. वह दोनों भी बेल पर चल रहा है. जिस आधार पर शेष पांच अभियुक्त मो मुर्तूजा, मो एकबाल, मो आलम, मो अनवारूल व मो हिजबूल को बाहर से ही जमानत मिल जाने की बात कही जा रही है. बताया कि इस संदर्भ में कांड के वर्तमान अनुसंधान कर्ता अभय कुमार सिंह को थाना पर जाकर पिता के मौत हो जाने की जानकारी दी गई. आईओ ने कहा है कि अभी वे परीक्षा ड्यूटी में त्रिवेणीगंज में हैं. पिता का मृत्यु प्रमाणपत्र बनाकर उन्हें या कोर्ट में दे देना है. इस धटना के बाद उपजे आक्रोश में तत्कालीन थानाध्यक्ष चार घंटे रहे थे बंधक परिजन सहित ग्रामीणों ने बताया कि बच्चों के बीच हुए विवाद के बाद हिंसक मारपीट हुई थी. जिसमें एक पक्ष के मृतक मो सुवेर व उनके पुत्र मो नौलेज गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे. तत्कालीन थानाध्यक्ष राघव शरण ने दूसरे पक्ष के आवेदन पर मृतक एवं अन्य के विरुद्ध ही कांड दर्ज कर लिया और गिरफ्तारी के लिए इंदरपुर पहुंच गये. पुलिस के इस पक्षपात पूर्ण कार्रवाई पर ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा और गिरफ्तारी के लिए पहुंचे थानाध्यक्ष को ही बंधक बना लिया. जिसके बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोगों के द्वारा पहल कर कई मांगों को लेकर पुलिस से समझौता हुआ. काफी मशक्कत के बाद चार घंटे तक बंधक रहे थानाध्यक्ष को मुक्त कराया जा सका.

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Published by: Basant yadav

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