फायर सेफ्टी जांच में खुली पोल, अस्पताल व होटलों में अग्नि सुरक्षा मानकों का नहीं हो रहा पालन, 15 दिन का अल्टीमेटम

निदेशक सह राज्य अग्निशमन पदाधिकारी के निर्देश पर क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इसके तहत सभी होटलों,अस्पतालों और नर्सिंग होम्स में अग्नि सुरक्षा प्रबंधन की स्थिति की समीक्षा की जा रही है.

त्रिवेणीगंज

अग्निशमन विभाग की टीम ने बाजार क्षेत्र के विभिन्न निजी अस्पताल, नर्सिंगहोम, क्लिनिक, होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सोमवार को सघन जांच की. जांच के दौरान कई चौंकाने वाली खामियां सामने आई. अग्निशमन विभाग की टीम ने अनुमंडलीय अस्पताल के आसपास संचालित निजी अस्पतालों एवं नर्सिंग होम्स के साथ-साथ बाजार क्षेत्र के कई होटलों का निरीक्षण किया. जांच में पाया गया कि अधिकांश प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा के आवश्यक मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है. किसी भी स्थानों पर पर्याप्त क्षमता वाली पानी की टंकियां नहीं थीं, जबकि अग्निशमन के लिए आवश्यक तीन हौज रील की व्यवस्था भी नहीं मिली. जांच के क्रम में फायर सेफ्टी की समुचित व्यवस्था किसी भी प्रतिष्ठानों में नहीं मिली.

नर्सिंग होम्स में अग्नि सुरक्षा प्रबंधन की स्थिति की समीक्षा

अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी कमलेश यादव ने बताया कि निदेशक सह राज्य अग्निशमन पदाधिकारी के निर्देश पर क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इसके तहत सभी होटलों,अस्पतालों और नर्सिंग होम्स में अग्नि सुरक्षा प्रबंधन की स्थिति की समीक्षा की जा रही है. उन्होंने बताया कि जिन प्रतिष्ठानों का अग्नि सुरक्षा ऑडिट पहले ही किया जा चुका है, लेकिन अब तक निर्धारित मानकों का अनुपालन नहीं किया गया है. उनके विरुद्ध सीलिंग नोटिस जारी किया जाएगा. वहीं जिन प्रतिष्ठानों का अभी तक ऑडिट नहीं हुआ है, उनका शीघ्र ऑडिट कराया जाएगा तथा कमियों को दूर करने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है. साथ ही होटल संचालकों को एलपीजी सिलेंडरों के संबंध में विधिवत अनुमति प्रमाणपत्र के साथ अनिवार्य स्व-घोषणा पत्र भी जमा करना होगा. अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी कमलेश यादव ने कहा कि होटल एवं अस्पताल ऐसे सार्वजनिक स्थल हैं. जहां बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रहती है. असुरक्षित रसोई संचालन, एलपीजी भंडारण में अनियमितता, विद्युत ओवरलोडिंग,अवरुद्ध निकासी मार्ग और निष्क्रिय अग्नि सुरक्षा उपकरण किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं. विशेष रूप से अस्पतालों में ऑक्सीजन सपोर्ट, वेंटिलेटर और आईसीयू में भर्ती मरीजों के कारण जोखिम और बढ़ जाता है. जांच के दौरान करीब आधा दर्जन होटल, अस्पताल एवं नर्सिंग होम्स में गंभीर कमियां पाई गईं. विभाग ने संबंधित संचालकों को 15 दिनों के भीतर सभी कमियों को दूर कर पुनः फायर सेफ्टी सत्यापन कराने का निर्देश दिया है. निर्धारित अवधि में सुधार नहीं होने पर सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी. अभियान के दौरान प्रधान अग्निक हरेकृष्ण कुमार,अग्निक पंकज मंडल एवं चालक मुन्ना कुमार सहित अन्य कर्मी मौजूद थे.

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