Eye Donation Awareness Supaul: मृत्यु के बाद भी किसी की आंखें किसी दूसरे की जिंदगी में रोशनी ला सकती हैं. इसी संदेश को लोगों तक पहुंचाने के लिए शनिवार को सुपौल जिला मुख्यालय में जनजागृति पदयात्रा निकाली गयी. पदयात्रा में शामिल लोगों ने ‘नेत्रदान महादान’ का संदेश देते हुए लोगों से मृत्यु के बाद नेत्रदान के लिए आगे आने की अपील की.
दधीचि देहदान समिति, सुपौल और बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी महिला समिति, सुपौल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नगरवासी, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग शामिल हुए. पदयात्रा का उद्देश्य नेत्रदान को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना था.
पदयात्रा में गूंजा नेत्रदान का संदेश
जनजागृति पदयात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने लोगों को नेत्रदान के महत्व की जानकारी दी. उन्होंने समाज के लोगों से मृत्यु के बाद नेत्रदान के लिए संकल्प लेने की अपील की.
आयोजकों ने कहा कि नेत्रदान को लेकर कई तरह की भ्रांतियां लोगों के बीच मौजूद हैं. जागरूकता के अभाव में लोग नेत्रदान जैसे मानवीय कार्य के लिए आगे नहीं आ पाते. ऐसे में लगातार जागरूकता अभियान चलाकर लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना जरूरी है.
कार्यक्रम के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ने से जरूरतमंद दृष्टिहीन लोगों के जीवन में रोशनी लाने में मदद मिल सकती है.
व्यापार संघ परिसर में हुआ जागरूकता कार्यक्रम
पदयात्रा के समापन के बाद सुपौल स्थित व्यापार संघ परिसर में जागरूकता एवं संबोधन कार्यक्रम आयोजित किया गया. यहां वक्ताओं ने नेत्रदान की आवश्यकता, इसके सामाजिक महत्व और इससे जुड़ी भ्रांतियों पर विस्तार से चर्चा की.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी सावन कुमार ने कहा कि जिस प्रकार रक्तदान को महादान माना जाता है, उसी तरह नेत्रदान भी महादान है. नेत्रदान के माध्यम से किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में रोशनी लौटाने का अवसर मिलता है.
डीएम ने लोगों से नेत्रदान को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने की अपील की. उन्होंने कहा कि लोग खुद जागरूक होने के साथ अपने आसपास के लोगों को भी नेत्रदान के लिए प्रेरित करें.
मानव सेवा से जुड़ा महत्वपूर्ण संकल्प
कार्यक्रम में सामाजिक संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों और सदस्यों ने भी लोगों से नेत्रदान का संकल्प लेने का आह्वान किया. वक्ताओं ने कहा कि नेत्रदान मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है. इससे समाज में सेवा, सहयोग और मानवता की भावना को मजबूती मिलती है.
आयोजकों के अनुसार, जनजागृति पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य नेत्रदान को लेकर लोगों की सोच में सकारात्मक बदलाव लाना और अधिक से अधिक लोगों को मृत्यु के बाद नेत्रदान के लिए प्रेरित करना है.
Eye Donation Awareness Supaul: जागरूकता अभियान आगे भी जारी रखने पर जोर
कार्यक्रम में कहा गया कि नेत्रदान को लेकर जागरूकता केवल एक दिन के आयोजन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. समाज के हर वर्ग तक नेत्रदान के महत्व का संदेश पहुंचाने के लिए इस तरह के कार्यक्रम लगातार आयोजित किये जाने की जरूरत है.
आयोजकों ने बताया कि जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों तक नेत्रदान से जुड़ी सही जानकारी पहुंचाने और इसके प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रयास जारी रहेगा. उद्देश्य यही है कि अधिक से अधिक लोग मृत्यु के बाद नेत्रदान के लिए आगे आएं और जरूरतमंद लोगों के जीवन में रोशनी लाने में अपना योगदान दें.
कार्यक्रम में सीएस डॉ बाबू साहेब झा, एसडीएम मनोहर कुमार साह, युगल किशोर अग्रवाल, शरद मोहनका, धर्मेंद्र सिंह, सुनील चौधरी, डॉ प्रदीप, अभय तिवारी समेत अन्य लोग मौजूद थे.
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