वीरपुर (सुपौल) से प्रमोद कुमार की रिपोर्ट
Bihar Flood Alert : नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण कोसी नदी उफान पर है. बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सीमावर्ती इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है. कोसी बराज स्थित कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह 10 बजे कोसी नदी का डिस्चार्ज 97,935 क्यूसेक बढ़ते क्रम में दर्ज किया गया. जलप्रवाह में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए कोसी बराज के 11 फाटक खोल दिए गए हैं.
बराहक्षेत्र से बढ़ रहा दबाव, जलस्तर में और उछाल की आशंका
स्थिति को और गंभीर बनाने वाली बात यह है कि नेपाल के बराहक्षेत्र में भी जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. सोमवार सुबह 10 बजे वहां 1,23,000 क्यूसेक जलप्रवाह रिकॉर्ड किया गया. विशेषज्ञों का मानना है कि बराहक्षेत्र से आने वाला अतिरिक्त पानी अगले कुछ घंटों में कोसी नदी के जलस्तर को और बढ़ा सकता है.
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यदि नेपाल में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो सोमवार के दौरान कोसी का जलप्रवाह 1.5 लाख क्यूसेक के आंकड़े को पार कर सकता है. इससे तटबंधों पर दबाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.
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इस वर्ष का सबसे अधिक जलस्तर, विभाग अलर्ट मोड में
कोसी नदी का वर्तमान जलस्तर इस वर्ष का अब तक का सबसे अधिक स्तर माना जा रहा है. जल संसाधन विभाग के वीरपुर स्थित मुख्य अभियंता संजीव शैलेश ने बताया कि नेपाल में हुई बारिश के कारण नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है.
उन्होंने कहा कि संभावित स्थिति को देखते हुए विभाग पहले से पूरी तैयारी में जुटा हुआ है. जलस्तर बढ़ने की सूचना मिलते ही संबंधित क्षेत्रों के जेई, एई और अन्य तकनीकी कर्मियों को उनके निर्धारित स्थलों पर भेज दिया गया है.
संवेदनशील तटबंधों पर बढ़ाई गई निगरानी
जल संसाधन विभाग ने कोसी तटबंधों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चौकसी बढ़ा दी है. संवेदनशील और अतिसंवेदनशील तटबंधों का निरीक्षण किया जा रहा है. अधिकारियों को 24 घंटे निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके.
प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन जलस्तर में और वृद्धि की संभावना को देखते हुए लगातार निगरानी रखी जा रही है.
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के किनारे अनावश्यक रूप से नहीं जाएं और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें. किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचना दें.
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