62वां भगैत महासम्मेलन का भव्य हुआ आगाज, मानवता व एकता का दिया संदेश

108 बालिकाओं की भव्य कलश यात्रा निकली

– बाबा धर्मराज की जयघोष के साथ उद्घाटन, 108 बालिकाओं की भव्य कलश यात्रा निकली सुपौल. सदर प्रखंड अंतर्गत लौकहा पंचायत में अखिल भारतीय लोकगाथा भगैत महासभा के तत्वावधान में 62वां वार्षिक अधिवेशन सह राज्य स्तरीय भगैत महासम्मेलन का विधिवत शुभारंभ बाबा धर्मराज के जयघोष के साथ हुआ. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ग्रामीण एवं महासभा के पदाधिकारी शामिल हुए. महासभा के प्रवक्ता डॉ अमन कुमार ने कहा कि भगैत केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि मानवता की सच्ची पाठशाला है. उन्होंने कहा कि धर्म का वास्तविक अर्थ केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि सत्य, प्रेम, न्याय और कर्तव्य पर आधारित जीवनशैली ही सच्चा धर्म है. यही मूल्यों से व्यक्ति को “मानव” बने रहने की प्रेरणा मिलती है. कहा कि आध्यात्मिक विकास से व्यक्ति को आंतरिक शांति, आत्मज्ञान और जीवन के वास्तविक उद्देश्य की समझ प्राप्त होती है. जरूरतमंदों की सहायता करना, भूखे को भोजन, प्यासे को पानी देना तथा सभी जीवों के प्रति दया और करुणा रखना ही सच्चा धर्म है. बाबा धर्मराज की गाथाएं हमें निडर होकर सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं. कार्यक्रम के दौरान यज्ञ स्थल से 108 बालिकाओं द्वारा भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जो लौकहा, कजहा और अमहा के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी. इस दौरान सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, श्रद्धालु और महासभा के सदस्य मौजूद रहे, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया. सम्मेलन में वार्षिक सभापति घिनाय यादव, मालाधारी रामचन्द्र यादव, जिला परिषद सदस्य गोदावरी देवी, रामनाथ मंडल, पैक्स अध्यक्ष फुलेन्द्र यादव, उप सभापति अनंत प्रसाद यादव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे.

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By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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