Bihar : पटना के हर पार्क में बनेगा ‘गौरेया कुटीर’, एसके पुरी पार्क से होगी शुरूआत

Bihar : पटना शहर के सभी पार्कों में गौरेया संरक्षित क्षेत्र ‘गौरैया कुटीर’ का निर्माण किया जाएगा.

Bihar : पटना शहर के सभी पार्कों में गौरेया संरक्षित क्षेत्र ‘गौरैया कुटीर’ का निर्माण किया जाएगा. इसका नाम गंगा कुटीर प्रस्तावित किया गया है. इसकी शुरुआत पटना के एसकेपुरी पार्क से होगी. इस कुटीर का निर्माण वन एवं पर्यावरण विभाग की तरफ से कराया जाएगा. गौरेया को संरक्षित करने के लिए यह व्यापक पहल विभाग के स्तर से शुरू की गई है.

पटना प्रमंडलीय वन संरक्षक ने किया ऐलान

विभाग के पटना प्रमंडलीय वन संरक्षक सत्यजीत कुमार ने इस योजना की घोषणा करते हुए पूरी जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि गौरेया संरक्षण पर वन विभाग जल्द ही एक्शन प्लान जारी कर रहा है, जिसे गौरैयाविद् संजय कुमार ने तैयार किया है. इस छोटी पक्षी के संरक्षण को लेकर और भी कई प्रयास किए जा रहे हैं. सत्यजीत कुमार ने बताया कि हमारी गौरैया और पर्यावरण वॉरियर्स (संरक्षक) की टीम लगातार अपने प्रयासों से गौरैया की वापसी करने में लगी हुई है.

शहर के हर पार्क में बनाए जाएंगे मिट्टी के छोटे-छोटे घर

शहर के हर पार्क में मिट्टी के छोटे- छोटे घर बनाए जाएंगे, जिसकी छावनी बांसों के घेराव से की जाएगी. इसे लगभग 100-150 वर्गफीट आकार का बांसों की चचरी से तैयार किया जाएगा. इन बांसों में 33 एमएम की गोलाई का छेद किया जाएगा, जिससे सिर्फ गौरेया ही प्रवेश कर सकती है. इस चचरी के अंदर गौरेया की पसंद वाले सभी पौधे लगाए जाएंगे. मसलन, बैगनविलिया, नींबू, मधुमालती, अमरूद जैसे छोटे कांटेदार पौधे भी लगाए जाएंगे, जिन्हें गौरैया अपने रहने के लिए इस्तेमाल करती है.  

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

बदलाव की जरूरत

इन्हीं पौधों के बीच मिट्टी के घर बनाए जाएंगे, जिसमें गौरैया आराम से रह सकती है. इसके साथ ही गौरैया को आकर्षित करने के लिए घोंसले और दाना-पानी भी रखा जाएगा. गौरेयाविद् संजय ने कहा कि कभी घर-घर आकर चहचहाने वाली गौरेया आज विलुप्त हो गई है. इन्होंने कहा कि जिन कारणों से गौरेया विलुप्त हुई है, उसे कम करते हुए जीनवशैली में बदलाव की जरूरत है.

इसे भी पढ़ें : बिहार सरकार के खजाने को भरेगा भागलपुर जिला, डीएम नवल किशोर ने बताया प्लान 

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी से करके राजस्थान पत्रिका होते हुए फिलहाल प्रभात खबर डिजिटल के बिहार टीम तक पहुंचे हैं, देश और राज्य की राजनीति में गहरी दिलचस्पी रखते हैं. साथ ही अभी पत्रकारिता की बारीकियों को सीखने में जुटे हुए हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >