पिटाई के विरोध में हड़ताल पर गये नप कर्मी

नगर परिषद सीवान की सफाईकर्मियों के साथ हुए मारपीट की घटना के विरोध में मंगलवार से नगर परिषद के सभी कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये. हड़ताल पर चले जाने से नगर परिषद कार्यालय के सभी कार्य ठप हो गए. पूरे शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई.

प्रतिनिधि, सीवान. नगर परिषद सीवान की सफाईकर्मियों के साथ हुए मारपीट की घटना के विरोध में मंगलवार से नगर परिषद के सभी कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये. हड़ताल पर चले जाने से नगर परिषद कार्यालय के सभी कार्य ठप हो गए. पूरे शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई. नगर परिषद कर्मियों ने बताया कि सोमवार को छपरा रोड स्थित डॉ पी देवी मोड़ के पास एक रेस्टोरेंट संचालक और उसके स्टाफ द्वारा नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई थी. इसके बाद विवाद को नया रूप देते हुए रेस्टोरेंट संचालक द्वारा कार्यपालक पदाधिकारी (इओ) अनुभूति श्रीवास्तव, सिटी मैनेजर बालेश्वर राय सहित अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी गई. नगर परिषद कर्मियों ने इस एफआईआर को फर्जी और दुर्भावनापूर्ण बताते हुए कहा कि कहा कि गलत मामला दर्ज कराया गया है. उल्टा हम लोगों पर प्राथमिकी दर्ज नहीं कराने का दबाव बनाया जा रहा था. इस घटना से नाराज सफाईकर्मियों और अन्य कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालय में बैठक की और अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी. यूनियन के नेता अमित कुमार गौड़ के नेतृत्व में कर्मचारियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि रेस्टोरेंट संचालक और उसके सहयोगियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाये और नगर परिषद के जिन अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर झूठा मुकदमा दर्ज किया गया है, उन्हें सम्मानपूर्वक मुक्त किया जाए. हड़ताल के पहले दिन ही नगर परिषद कार्यालय में लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. कोई नक्शा पास कराने आया था, तो कोई होल्डिंग टैक्स जमा करने के लिए आया था. कई लोग जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र के आवेदन देने के लिए भी पहुंचे थे. लेकिन कार्यालय के सभी काउंटर बंद मिले. शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो जाने से नगरवासियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. हर गली-मुहल्ले में कूड़े का ढेर जमा हो गया है. नगर परिषद यूनियन ने चेतावनी दी है कि जब तक उनके साथ हुए अन्याय का समाधान नहीं होता, तब तक न तो कार्यालय कार्य होगा और न ही सफाई व्यवस्था बहाल की जाएगी. यूनियन ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप करने की अपील की है ताकि दोषियों को सजा मिल सके और निर्दोषों को न्याय मिल सके. नगर परिषद के कर्मचारियों ने साफ शब्दों में कहा है कि वे डरने या झुकने वाले नहीं हैं. वे अपने आत्मसम्मान और अधिकार की रक्षा के लिए हर स्तर पर लड़ाई जारी रखेंगे.

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By DEEPAK MISHRA

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