Woman Dies Snakebite : सीवान के गोरेयाकोठी थाना क्षेत्र में सर्पदंश से महिला की मौत के बाद सोमवार को परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा. पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोरेयाकोठी लेकर पहुंचे और मुख्य गेट के पास रखकर विरोध जताया. परिजनों ने अस्पताल में इलाज के दौरान कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार चिकित्सक पर कार्रवाई की मांग की.
सर्पदंश के बाद महिला की हुई मौत
मिर्जापुर गांव निवासी स्वर्गीय अखिलेश्वर सिंह की पत्नी अंजली देवी की सर्पदंश के बाद मौत हो गई. परिजनों के अनुसार, सांप के काटने के बाद उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोरेयाकोठी लाया गया था. इलाज के दौरान उनकी हालत बिगड़ती गई और बाद में उनकी मौत हो गई.
पोस्टमार्टम के बाद अस्पताल गेट पर रखा शव
महिला की मौत के बाद परिजन शव को पोस्टमार्टम के लिए ले गए. पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को वापस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोरेयाकोठी लाया गया. इसके बाद परिजनों ने अस्पताल के मुख्य गेट के समीप शव रखकर विरोध शुरू कर दिया.
इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप
परिजनों का आरोप है कि सर्पदंश के बाद अंजली देवी को समय पर अस्पताल लाया गया था, लेकिन इलाज में कथित तौर पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई. परिजनों का कहना है कि यदि समय पर समुचित इलाज और आवश्यक चिकित्सकीय सुविधा मिलती तो महिला की जान बचाई जा सकती थी. हालांकि, इलाज में लापरवाही के आरोप की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.
डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग
परिजन कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और चिकित्सक की भूमिका की भी जांच की जाए. दोष साबित होने पर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है.
दो बेटों और एक बेटी का रो-रोकर बुरा हाल
अंजली देवी की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है. मृतका के दो बेटे और एक बेटी का रो-रोकर बुरा हाल है. परिजनों के अनुसार, परिवार ने महिला को बचाने की पूरी उम्मीद के साथ अस्पताल पहुंचाया था, लेकिन उनकी मौत के बाद घर में मातम पसर गया.
अस्पताल परिसर में जमा हुई भीड़
विरोध के दौरान अस्पताल के मुख्य गेट के पास लोगों की भीड़ जमा हो गई. परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे. प्रदर्शन के कारण अस्पताल परिसर में कुछ समय तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही.
प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन समझाने में जुटे
घटना की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की ओर से परिजनों को समझाने का प्रयास किया गया. परिजनों का कहना है कि जब तक मामले की जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन नहीं मिलता, तब तक वे शव को अस्पताल गेट से हटाने के लिए तैयार नहीं हैं.
