Siwan News : आंदर प्रखंड के आसांव निवासी स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय विश्वनाथ प्रसाद की पुण्यतिथि पर रविवार को श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया. आसांव बाजार स्थित पंचायत भवन परिसर में स्थापित उनकी प्रतिमा पर लोगों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया. इस दौरान स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया.
अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आंदोलन में निभायी सक्रिय भूमिका
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि विश्वनाथ प्रसाद ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभायी थी. महात्मा गांधी के विचारों से प्रभावित होकर वह आजादी की लड़ाई में शामिल हुए थे. उन्होंने नमक सत्याग्रह सहित विभिन्न आंदोलनों में भाग लिया. स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उन्हें कई बार जेल की यातनाएं भी झेलनी पड़ीं.
भारत छोड़ो आंदोलन में हुए थे गिरफ्तार
वक्ताओं ने बताया कि वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान आसांव थाना क्षेत्र में हुए आंदोलन के सिलसिले में विश्वनाथ प्रसाद को गिरफ्तार किया गया था. उन्हें लंबी सजा सुनायी गयी थी. स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उन्होंने छपरा, पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और गोरखपुर की जेलों में भी समय बिताया था.
नयी पीढ़ी तक पहुंचाने का लिया संकल्प
वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और त्याग के कारण ही देश को आजादी मिली. विश्वनाथ प्रसाद जैसे सेनानियों की वीरता, देशभक्ति और त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं. पुण्यतिथि के अवसर पर उपस्थित लोगों ने उनके आदर्शों को आत्मसात करने और उनके योगदान को नयी पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया.
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अधिवक्ता मनीष कुमार सिंह, विशंभर द्विवेदी, उदयभान मिश्रा, पंडित केशव जी, स्वतंत्रता सेनानी के पौत्र विनोद कुमार, आसांव मुखिया सतीश चंद्र, शिवजी यादव, बीडीओ रवि कुमार, सुनील सिंह, मुन्ना सिंह, मनोज सिंह, पवन कुमार यादव, विनोद कुमार यादव, दिलीप चौहान और आसांव थानाध्यक्ष संतोष कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे.
